भगवान की फोटो
श्रीराम दरबार, हनुमान जी, शिव जी, माँ दुर्गा के नौ रूप, श्रीकृष्ण और सभी देवी-देवताओं की सुंदर फोटो। किसी भी फोटो पर क्लिक करके उनकी आरती, चालीसा और लेख पढ़ें।
राम दरबार
भगवान विष्णु के सातवें अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम सत्य, धर्म और वचन-पालन के आदर्श हैं। माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी के साथ राम दरबार का दर्शन भक्तों के लिए सबसे पावन माना जाता है।
श्रीराम
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम सत्य, धर्म और वचन-पालन के आदर्श हैं। "राम" नाम का जप कलियुग में सबसे सरल साधना माना गया है।
हनुमान जी
पवनपुत्र हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त हैं। उन्हें बल, बुद्धि और विद्या का दाता तथा संकटमोचन कहा जाता है। मंगलवार और शनिवार उनकी विशेष आराधना के दिन हैं।
मेहंदीपुर बालाजी
राजस्थान के दौसा ज़िले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी धाम हनुमान जी के बाल रूप का प्रसिद्ध मंदिर है, जहाँ दूर-दूर से भक्त संकट-निवारण की प्रार्थना लेकर आते हैं।
भगवान शिव
देवों के देव महादेव कल्याण और संहार के देवता हैं। सोमवार, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि पर उनकी विशेष पूजा होती है।
शिव परिवार
भगवान शिव, माता पार्वती, श्री गणेश और कार्तिकेय जी का परिवार गृहस्थ जीवन में प्रेम, संतुलन और आपसी सम्मान का आदर्श है।
माता पार्वती
माता पार्वती भगवान शिव की अर्धांगिनी और शक्ति का स्वरूप हैं। कठोर तप से उन्होंने शिव जी को पति रूप में पाया। हरतालिका तीज और मंगला गौरी व्रत उन्हीं को समर्पित हैं।
माँ दुर्गा
माँ दुर्गा शक्ति की देवी हैं, जिन्होंने महिषासुर का वध करके धर्म की रक्षा की। नवरात्रि में उनके नौ रूपों की पूजा होती है।
माँ काली
माँ काली शक्ति का उग्र और करुणामयी रूप हैं, जो अधर्म का नाश करके भक्तों को भय से मुक्त करती हैं। दीपावली की रात काली पूजा होती है, विशेषकर बंगाल में। इन्हें आदिशक्ति का कालरूप माना जाता है।
संतोषी माता
संतोषी माता संतोष और सुख की देवी मानी जाती हैं। शुक्रवार को उनका व्रत रखा जाता है, जिसमें गुड़-चने का भोग लगता है और खट्टी चीज़ों से परहेज़ किया जाता है।
श्रीकृष्ण
भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। वे प्रेम, भक्ति और कर्मयोग के प्रतीक हैं।
राधा-कृष्ण
राधा-कृष्ण निःस्वार्थ प्रेम और भक्ति के सबसे सुंदर प्रतीक हैं। ब्रज में "राधे राधे" का नाम-स्मरण भक्ति का सबसे सरल मार्ग माना जाता है।
विट्ठल-रुक्मिणी
पंढरपुर के विट्ठल भगवान श्रीकृष्ण का रूप हैं, जो ईंट पर कमर पर हाथ रखे खड़े हैं। आषाढ़ी एकादशी पर वारकरी भक्त पैदल वारी करके उनके दर्शन को जाते हैं।
श्री गणेश
प्रथम पूज्य श्री गणेश विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता हैं। हर शुभ काम उनके स्मरण से शुरू होता है। बुधवार और चतुर्थी उनके विशेष दिन हैं।
कार्तिकेय जी
कार्तिकेय जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र तथा देवताओं के सेनापति हैं। उनका वाहन मोर है और दक्षिण भारत में वे मुरुगन के नाम से पूजे जाते हैं।
माता लक्ष्मी
माता लक्ष्मी धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी तथा भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं। दीपावली और शुक्रवार को उनकी विशेष पूजा होती है।
कुबेर जी
कुबेर जी देवताओं के कोषाध्यक्ष और धन के स्वामी हैं। धनतेरस और दीपावली पर माता लक्ष्मी के साथ उनकी पूजा की जाती है।
भगवान विष्णु
भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार हैं, जो धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। एकादशी और गुरुवार उनके व्रत-पूजन के दिन हैं।
माँ सरस्वती
माँ सरस्वती विद्या, वाणी और संगीत की देवी हैं। वसंत पंचमी पर उनकी विशेष पूजा होती है।
सूर्य देव
सूर्य देव प्रत्यक्ष देवता हैं, जिनके प्रकाश से संसार में जीवन है। रविवार को उन्हें जल का अर्घ्य देने और आदित्य हृदय स्तोत्र पढ़ने की परंपरा है। छठ पूजा और मकर संक्रांति उनके प्रमुख पर्व हैं।
शनि देव
शनि देव सूर्य पुत्र और कर्मफल दाता माने जाते हैं, जो हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनिवार को उनकी पूजा और हनुमान जी की आराधना की परंपरा है।
तुलसी माता
तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। घर के आँगन में तुलसी लगाना और संध्या को दीप जलाना शुभ माना जाता है। देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह होता है।
गौ माता
हिंदू परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। गौ सेवा पुण्य का काम मानी जाती है और गोवर्धन पूजा व गोपाष्टमी पर गौ माता की विशेष पूजा होती है।
त्योहार और व्रत के चित्र
दीपावली, दशहरा, होली, जन्माष्टमी से लेकर एकादशी और पूर्णिमा तक, हर पर्व का सुंदर चित्र और उससे जुड़ी जानकारी।
दीपावली
माता लक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा, दीपों का पर्व।
दशहरा (विजयादशमी)
श्रीराम की रावण पर विजय, असत्य पर सत्य की जीत।
नवरात्रि
माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के नौ दिन।
होली
राधा-कृष्ण के प्रेम और रंगों का पर्व।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
माखन चोर बाल गोपाल का जन्मोत्सव।
महाशिवरात्रि
शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और रात्रि जागरण का पर्व।
राम नवमी
अयोध्या में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव।
हनुमान जयंती
राम भक्त हनुमान जी का प्राकट्य दिवस।
गणेश चतुर्थी
विघ्नहर्ता श्री गणेश का जन्मोत्सव, मोदक का भोग।
मकर संक्रांति
सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश, तिल-गुड़ और पतंग।
करवा चौथ
पति की लंबी आयु के लिए चंद्र-दर्शन वाला व्रत।
छठ पूजा
डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने का महापर्व।
एकादशी
भगवान विष्णु का व्रत, तुलसी पूजन और फलाहार।
पूर्णिमा
पूर्ण चंद्र, सत्यनारायण कथा और दीपदान का दिन।
अमावस्या
पितरों को तर्पण और दीपदान का दिन।
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