ऑनलाइन पूजा: माँ ब्रह्मचारिणी

भगवान चुनिए और नीचे “पूजा आरंभ करें” दबाइए। हर भगवान की पूजा उनकी अपनी प्रिय सामग्री से, एक-एक चरण में होगी।

चरण 1 / 11 घी का दीपक जलाइएदीपक अंधकार को दूर करके ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक है। पूजा की शुरुआत दीप जलाकर होती है।
माँ ब्रह्मचारिणी
माँ ब्रह्मचारिणी
0 / 11 चरण पूरे
विज्ञापन

ऑनलाइन पूजा कैसे करें

  1. भगवान चुनिए। ऊपर की पंक्ति से अपने आराध्य देव चुनिए। पेज खोलते ही आज के वार के देवता चुने रहते हैं।
  2. “पूजा आरंभ करें” दबाइए। पूजा का पूरा मंच स्क्रीन पर आ जाएगा और ऊपर बताया जाएगा कि अभी क्या करना है।
  3. चमकती हुई सामग्री पर क्लिक कीजिए। हर भगवान की सामग्री अलग है, जैसे हनुमान जी को सिंदूर का चोला और राम नाम की पीपल माला, शिव जी को जल और बेलपत्र, शनि देव को सरसों का तेल और काले तिल।
  4. आरती की थाली घुमाइए। थाली को माउस या उँगली से पकड़कर भगवान के चारों ओर तीन बार घुमाइए और साथ में आरती गाइए।
  5. प्रणाम कीजिए। अंत में अपनी मनोकामना मन में कहिए। चाहें तो लिख भी सकते हैं; वह केवल आपके फ़ोन में रहती है।

किस भगवान को क्या चढ़ाएँ

नीचे हर देवी-देवता की पूजा में प्रचलित सामग्री दी गई है। ये उत्तर भारत की घरेलू परंपरा पर आधारित हैं; अपने परिवार और मंदिर की परंपरा को प्राथमिकता दें।

राम दरबारघी का दीपक, तुलसी दल, पीले फूल, फूलों की माला, खीर श्रीरामघी का दीपक, तुलसी दल, पीले फूल, फूलों की माला, खीर हनुमान जीतिल तेल का दीपक, सिंदूर (चोला), आक के फूल-पत्ते, तुलसी दल, राम नाम पीपल माला, बूंदी के लड्डू, हनुमान चालीसा भगवान शिवघी का दीपक, जल अभिषेक, दूध अभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल माँ दुर्गाघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, नारियल, हलवा-पूरी-चना श्रीकृष्णघी का दीपक, तुलसी दल, मोरपंख, पीले फूल, फूलों की माला, माखन-मिश्री राधा-कृष्णघी का दीपक, तुलसी दल, गुलाब, मोरपंख, फूलों की माला, माखन-मिश्री श्री गणेशघी का दीपक, सिंदूर तिलक, दूर्वा, लाल गुड़हल, फूलों की माला, मोदक माता लक्ष्मीघी का दीपक, कमल का फूल, गुलाब, लाल चुनरी, कौड़ी और सिक्के, खीर भगवान विष्णुघी का दीपक, तुलसी दल, पीले फूल, पीला वस्त्र, केला माँ सरस्वतीघी का दीपक, सफेद फूल, पीला वस्त्र, फूलों की माला, खीर शिव परिवारघी का दीपक, जल अभिषेक, दूध अभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल माँ कालीसरसों तेल का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, नारियल, गुड़ सूर्य देवजल अर्घ्य, लाल गुड़हल, घी का दीपक, गुड़ शनि देवसरसों तेल का दीपक, सरसों का तेल, काले तिल, नीले फूल, शमी पत्र, तिल-गुड़ कुबेर जीघी का दीपक, पीले फूल, कौड़ी और सिक्के, खीर संतोषी माताघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, फूलों की माला, गुड़-चना मेहंदीपुर बालाजीतिल तेल का दीपक, सिंदूर (चोला), आक के फूल-पत्ते, तुलसी दल, राम नाम पीपल माला, बूंदी के लड्डू, हनुमान चालीसा विट्ठल-रुक्मिणीघी का दीपक, तुलसी दल, तुलसी माला, पीले फूल, केला माता पार्वतीघी का दीपक, लाल चुनरी, गुलाब, फूलों की माला, खीर कार्तिकेय जीघी का दीपक, लाल गुड़हल, मोरपंख, फूलों की माला, केला तुलसी माताजल अर्पण, घी का दीपक, लाल चुनरी, गेंदे के फूल गौ मातागेंदे के फूल, हरा चारा, गुड़-रोटी माँ शैलपुत्रीघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, गाय का घी माँ ब्रह्मचारिणीघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, शक्कर-मिश्री माँ चंद्रघंटाघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, दूध की खीर माँ कूष्माण्डाघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, मालपुआ माँ स्कंदमाताघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, केला माँ कात्यायनीघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, शहद माँ कालरात्रिघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, गुड़ माँ महागौरीघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, नारियल माँ सिद्धिदात्रीघी का दीपक, लाल चुनरी, लाल गुड़हल, गुड़हल की माला, तिल

ऑनलाइन पूजा मन की भक्ति और जानकारी के लिए है। यह घर के मंदिर या देवालय में की गई पूजा का विकल्प नहीं है। आपकी गिनती और मनोकामना केवल आपके ब्राउज़र में रहती है।