नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 तक का विवाह मुहूर्त एक ही जगह। देवउठनी एकादशी (20 नवंबर 2026) के बाद चातुर्मास समाप्त होता है और शादियों का नया सीज़न शुरू होता है। नीचे महीनेवार शुभ विवाह तिथियाँ, उन महीनों की जानकारी जिनमें विवाह नहीं होते, और मुहूर्त चुनने का सरल तरीका दिया गया है।
ज़रूरी सूचना: अलग-अलग पंचांगों (उत्तर भारत, मिथिला, दक्षिण भारत) में विवाह की तिथियाँ कुछ अलग हो सकती हैं। नीचे वही तिथियाँ रखी गई हैं जो हमारे देखे गए एक से अधिक पंचांग-स्रोतों में मिलती हैं। अंतिम तारीख तय करने से पहले अपने परिवार के पंडित जी या स्थानीय पंचांग से पुष्टि ज़रूर करें।
नवंबर-दिसंबर 2026 के विवाह मुहूर्त
| महीना | शुभ विवाह तिथियाँ |
|---|---|
| नवंबर 2026 | 21 (शनिवार), 24 (मंगलवार), 25 (बुधवार), 26 (गुरुवार) |
| दिसंबर 2026 | 2, 3, 11, 12 |
कुछ पंचांगों में 4, 5 और 6 दिसंबर को भी विवाह मुहूर्त बताया गया है, जबकि अन्य में नहीं। इन तारीख़ों पर विवाह तय करने से पहले पंडित जी से अवश्य पूछें। उपलब्ध स्रोतों के अनुसार 12 दिसंबर के बाद खरमास शुरू होने से विवाह मुहूर्त नहीं हैं और अगला विवाह मुहूर्त जनवरी 2027 में मिलता है।
2027 के विवाह मुहूर्त (महीनेवार)
खरमास (पौष मलमास) 14 जनवरी 2027 तक चलता है, इसलिए 2027 के विवाह मुहूर्त उसके बाद शुरू होते हैं।
| महीना | शुभ विवाह तिथियाँ | कुल दिन |
|---|---|---|
| जनवरी 2027 | 18, 19, 24, 26, 27, 30 | 6 |
| फरवरी 2027 | 2, 10, 11, 21, 22, 25, 27 | 7 |
| मार्च 2027 | 1, 3, 4, 9, 10, 14 | 6 |
| अप्रैल 2027 | 18, 19, 23, 24, 25, 27 | 6 |
| मई 2027 | 4, 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 22, 24, 25, 30, 31 | 15 |
| जून 2027 | 9, 11, 12, 15, 16, 17, 19, 20, 21, 26, 27 | 11 |
| जुलाई 2027 | 8, 9, 12 | 3 |
| नवंबर 2027 | 10, 11, 15, 16, 21, 23, 24, 25, 26, 29 | 10 |
| दिसंबर 2027 | 7, 8, 9, 12, 13, 14 | 6 |
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2027 में चातुर्मास के कारण विवाह मुहूर्त नहीं बताए गए हैं।
किन दिनों में विवाह नहीं होते?
- चातुर्मास: देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक के लगभग चार महीने, जब मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
- खरमास: सूर्य के धनु और मीन राशि में रहने की अवधि।
- गुरु या शुक्र अस्त: इस दौरान भी विवाह मुहूर्त नहीं निकाले जाते।
विवाह की तारीख चुनते समय क्या देखें?
- कुंडली मिलान: वर-वधू की कुंडली के गुण और दोष पहले देखे जाते हैं।
- तिथि, वार और नक्षत्र: पंडित जी इनके आधार पर शुभ दिन निकालते हैं।
- लग्न का समय: एक ही दिन के भीतर विवाह का लग्न अलग-अलग होता है, इसलिए समय की पुष्टि करें।
- बुकिंग की तैयारी: शुभ तिथियों पर वेन्यू, कैटरर और फोटोग्राफर जल्दी भर जाते हैं, इसलिए कई महीने पहले बुकिंग करें।
ज्योतिष के अनुसार विवाह की तारीख कैसे तय होती है, यह जानने के लिए पढ़ें: ज्योतिष शास्त्र से शादी की तारीख तय करना। विवाह में देरी के कारणों पर: कौन सा दोष विवाह में देरी करता है।
मिथिला पंचांग और अबूझ मुहूर्त
मिथिला क्षेत्र का पंचांग अलग गणना पर चलता है, इसलिए वहाँ की तिथियाँ ऊपर से अलग हो सकती हैं। उसकी पूरी सूची यहाँ देखें: मिथिला पंचांग विवाह मुहूर्त 2027 और मिथिला पंचांग 2026। जिन तिथियों पर बिना मुहूर्त विवाह माना जाता है, उनके लिए पढ़ें: अबूझ विवाह मुहूर्त।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
नवंबर 2026 में शादी के कितने मुहूर्त हैं?
हमारे देखे गए पंचांग-स्रोतों में नवंबर 2026 की चार तिथियाँ मिलती हैं: 21, 24, 25 और 26 नवंबर।
2026 के बाद विवाह मुहूर्त कब शुरू होंगे?
12 दिसंबर 2026 के बाद खरमास के कारण विवाह मुहूर्त नहीं हैं। खरमास 14 जनवरी 2027 तक है, उसके बाद जनवरी 2027 के मध्य से विवाह मुहूर्त फिर शुरू होते हैं।
2027 में किस महीने में सबसे ज़्यादा शादी के मुहूर्त हैं?
हमारी सूची के अनुसार मई 2027 में सबसे अधिक विवाह तिथियाँ हैं, उसके बाद जून और नवंबर।
अगस्त से अक्टूबर 2027 में शादी क्यों नहीं होती?
इस अवधि में चातुर्मास रहता है, जिसमें मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
नोट: यह लेख सामान्य पंचांग-आधारित जानकारी है। विवाह की अंतिम तिथि और लग्न के लिए अपने पंडित जी या स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
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स्रोत और पुष्टि: तिथियाँ प्रचलित पंचांग-गणनाओं (जैसे Drik Panchang) के आधार पर दी गई हैं। अपने शहर का सटीक समय स्थानीय पंचांग या पंडित जी से देख लें।
अंतिम जाँच: 14 अक्टूबर 2026। संपादन: शीता राम टीम (संपादकीय नीति)
