मिथिला पंचांग 2026 की संपूर्ण जानकारी: 59 शुभ विवाह मुहूर्त तिथियां, नक्षत्र और महत्वपूर्ण त्योहार | Mithila Panchang 2026

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मिथिला पंचांग 2026 में 59 शुभ विवाह मुहूर्त

मिथिला पंचांग 2026 – विवाह, त्योहार और शुभ मुहूर्त की Complete Guide

नमस्कार! यदि आप मिथिलांचल क्षेत्र से हैं या मैथिली परंपराओं का पालन करते हैं, तो मिथिला पंचांग 2026 आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस विस्तृत लेख में हम आपको मिथिला पंचांग 2026 की पूरी जानकारी देंगे, जिसमें 59 शुभ विवाह मुहूर्त, महत्वपूर्ण त्योहार, व्रत, पर्व और अन्य धार्मिक आयोजनों की तिथियां शामिल हैं।

मिथिला पंचांग क्या है? (What is Mithila Panchang?)

मिथिला पंचांग बिहार और नेपाल के मिथिलांचल क्षेत्र में प्रचलित एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है। यह पंचांग विक्रम संवत पर आधारित है और मैथिली समाज में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त निर्धारित करने में उपयोग होता है।

मिथिला पंचांग की 5 मुख्य विशेषताएं:

  1. तिथि (Lunar Day) – चंद्रमा की स्थिति के अनुसार
  2. वार (Day of Week) – सप्ताह का दिन
  3. नक्षत्र (Constellation) – 27 नक्षत्रों में चंद्रमा की स्थिति
  4. योग (Planetary Combination) – सूर्य और चंद्र की युति
  5. करण (Half of Tithi) – तिथि का आधा भाग

मिथिला पंचांग 2026 का महत्व (Importance of Mithila Panchang 2026)

मिथिलांचल में कोई भी शुभ कार्य – चाहे वह विवाह हो, गृह प्रवेश हो, नामकरण संस्कार हो या व्यापार का शुभारंभ – सभी मिथिला पंचांग के अनुसार ही संपन्न किए जाते हैं। वर्ष 2026 में विशेष रूप से 59 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध होंगे, जो मैथिली परंपरा में अत्यंत शुभ माने गए हैं।

मिथिला पंचांग 2026 में 59 शुभ विवाह मुहूर्त (59 Auspicious Marriage Dates)

जनवरी 2026 – विवाह मुहूर्त (January 2026 Marriage Muhurat)

जनवरी 2026 में सीमित विवाह मुहूर्त होंगे क्योंकि यह खरमास का समय है। हालांकि, कुछ विशेष तिथियां हैं:

1. 15 जनवरी 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी
  • नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र
  • समय: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक
  • विशेष: मकर संक्रांति के बाद का पहला शुभ मुहूर्त

2. 22 जनवरी 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: माघ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
  • समय: प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक

फरवरी 2026 – शुभ विवाह मुहूर्त (February 2026 Marriage Dates)

फरवरी में खरमास समाप्त होने के बाद अच्छे मुहूर्त मिलेंगे:

3. 5 फरवरी 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: माघ शुक्ल पक्ष एकादशी
  • नक्षत्र: रोहिणी
  • समय: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक
  • विशेष: देव उठनी एकादशी के बाद विवाह सीज़न शुरू

4. 12 फरवरी 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष पंचमी (बसंत पंचमी)
  • नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र
  • समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक
  • विशेष: बसंत पंचमी का अत्यंत शुभ दिन

5. 18 फरवरी 2026 (बुधवार)

  • तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष एकादशी
  • नक्षत्र: पुनर्वसु
  • समय: सुबह 11:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक

6. 25 फरवरी 2026 (बुधवार)

  • तिथि: फाल्गुन कृष्ण पक्ष पंचमी
  • नक्षत्र: अश्विनी
  • समय: प्रातः 10:45 बजे से अपराह्न 2:30 बजे तक

मार्च 2026 – प्रमुख विवाह मुहूर्त (March 2026 Marriage Muhurat)

मार्च में होली के बाद विवाह सीजन चरम पर रहेगा:

7. 5 मार्च 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: चैत्र शुक्ल पक्ष द्वितीया
  • नक्षत्र: मृगशिरा
  • समय: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक

8. 11 मार्च 2026 (बुधवार)

  • तिथि: चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी
  • नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी
  • समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक
  • विशेष: पूरे दिन का शुभ मुहूर्त

9. 18 मार्च 2026 (बुधवार)

  • तिथि: चैत्र कृष्ण पक्ष द्वितीया
  • नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र
  • समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक

10. 25 मार्च 2026 (बुधवार)

  • तिथि: चैत्र कृष्ण पक्ष नवमी
  • नक्षत्र: अनुराधा
  • समय: प्रातः 9:45 बजे से अपराह्न 2:15 बजे तक

11. 29 मार्च 2026 (रविवार)

  • तिथि: चैत्र कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
  • नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र
  • समय: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक

अप्रैल 2026 – विवाह मुहूर्त (April 2026 Marriage Dates)

अप्रैल में चैत्र नवरात्रि के बाद अच्छे मुहूर्त:

12. 8 अप्रैल 2026 (बुधवार)

  • तिथि: वैशाख शुक्ल पक्ष पंचमी
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
  • समय: प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक

13. 15 अप्रैल 2026 (बुधवार)

  • तिथि: वैशाख शुक्ल पक्ष द्वादशी
  • नक्षत्र: रेवती नक्षत्र
  • समय: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक

14. 22 अप्रैल 2026 (बुधवार)

  • तिथि: वैशाख कृष्ण पक्ष सप्तमी
  • नक्षत्र: मृगशिरा
  • समय: प्रातः 10:15 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक

15. 29 अप्रैल 2026 (बुधवार)

  • तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष तृतीया (अक्षय तृतीया)
  • नक्षत्र: रोहिणी
  • समय: पूरे दिन शुभ मुहूर्त
  • विशेष: अक्षय तृतीया – वर्ष का सबसे शुभ दिन

मई 2026 – शुभ लग्न तिथियां (May 2026 Auspicious Dates)

16. 6 मई 2026 (बुधवार)

  • तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी
  • नक्षत्र: पुनर्वसु
  • समय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक

17. 13 मई 2026 (बुधवार)

  • तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष चतुर्थी
  • नक्षत्र: अश्विनी
  • समय: प्रातः 11:30 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक

18. 20 मई 2026 (बुधवार)

  • तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी
  • नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र
  • समय: सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक

19. 27 मई 2026 (बुधवार)

  • तिथि: आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया
  • नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
  • समय: प्रातः 10:30 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक

जून 2026 – विवाह मुहूर्त (June 2026 Marriage Muhurat)

जून में सीमित मुहूर्त क्योंकि जेठ का महीना है:

20. 3 जून 2026 (बुधवार)

  • तिथि: आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी
  • नक्षत्र: श्रवण
  • समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक

21. 10 जून 2026 (बुधवार)

  • तिथि: आषाढ़ कृष्ण पक्ष चतुर्थी
  • नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र
  • समय: प्रातः 9:30 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक

नोट: जून के अंत से खरमास (Kharmas) शुरू होता है जिसमें विवाह वर्जित है।

जुलाई-अगस्त-सितंबर 2026 – खरमास (No Marriage Period)

महत्वपूर्ण: जुलाई, अगस्त और सितंबर के अधिकांश समय में खरमास (Monsoon Season) रहेगा जिसमें मिथिला पंचांग में विवाह नहीं होते। यह समय चातुर्मास और श्रावण मास होने से विशेष धार्मिक है लेकिन विवाह के लिए उपयुक्त नहीं।

अक्टूबर 2026 – देव उठनी के बाद विवाह सीजन (October 2026 Post-Devuthani Marriage Season)

अक्टूबर में देव उठनी एकादशी के बाद विवाह सीजन की धूम:

22. 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी (देव उठनी)
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
  • समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक
  • विशेष: देव उठनी एकादशी – विवाह सीजन का शुभारंभ

23. 18 अक्टूबर 2026 (रविवार)

  • तिथि: कार्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
  • नक्षत्र: रेवती
  • समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक

24. 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: कार्तिक कृष्ण पक्ष तृतीया
  • नक्षत्र: मृगशिरा
  • समय: प्रातः 9:45 बजे से अपराह्न 2:30 बजे तक

25. 25 अक्टूबर 2026 (रविवार)

  • तिथि: कार्तिक कृष्ण पक्ष षष्ठी
  • नक्षत्र: पुनर्वसु
  • समय: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक

26. 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: कार्तिक कृष्ण पक्ष दशमी
  • नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र
  • समय: प्रातः 11:15 बजे से अपराह्न 3:45 बजे तक

नवंबर 2026 – पीक विवाह सीजन (November 2026 Peak Marriage Season)

नवंबर विवाह का सबसे व्यस्त महीना:

27. 1 नवंबर 2026 (रविवार)

  • तिथि: कार्तिक अमावस्या (दिवाली)
  • नक्षत्र: स्वाति
  • समय: विशेष मुहूर्त केवल दिन में
  • विशेष: दिवाली के दिन सुबह का मुहूर्त

28. 5 नवंबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष चतुर्थी
  • नक्षत्र: रोहिणी
  • समय: सुबह 9:30 बजे से सायं 4:30 बजे तक

29. 8 नवंबर 2026 (रविवार)

  • तिथि: मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष सप्तमी
  • नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
  • समय: प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक

30. 12 नवंबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी
  • नक्षत्र: अनुराधा
  • समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक

31. 15 नवंबर 2026 (रविवार)

  • तिथि: मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
  • नक्षत्र: पुष्य
  • समय: प्रातः 9:45 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक

32. 19 नवंबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष तृतीया
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
  • समय: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक

33. 22 नवंबर 2026 (रविवार)

  • तिथि: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष षष्ठी
  • नक्षत्र: श्रवण
  • समय: प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक

34. 26 नवंबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष दशमी
  • नक्षत्र: रेवती
  • समय: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक

35. 29 नवंबर 2026 (रविवार)

  • तिथि: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
  • नक्षत्र: मृगशिरा
  • समय: प्रातः 10:15 बजे से अपराह्न 3:15 बजे तक

दिसंबर 2026 – अंतिम विवाह मुहूर्त (December 2026 Final Marriage Season)

36. 3 दिसंबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: पौष शुक्ल पक्ष द्वितीया
  • नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र
  • समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक

37. 6 दिसंबर 2026 (रविवार)

  • तिथि: पौष शुक्ल पक्ष पंचमी
  • नक्षत्र: पुनर्वसु
  • समय: प्रातः 9:45 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक

38. 10 दिसंबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: पौष शुक्ल पक्ष नवमी
  • नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
  • समय: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक

39. 13 दिसंबर 2026 (रविवार)

  • तिथि: पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी
  • नक्षत्र: चित्रा
  • समय: प्रातः 11:15 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक

40. 17 दिसंबर 2026 (गुरुवार)

  • तिथि: पौष कृष्ण पक्ष द्वितीया
  • नक्षत्र: अनुराधा
  • समय: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक

नोट: दिसंबर के अंत से खरमास शुरू होगा।

अतिरिक्त 19 विवाह मुहूर्त (Additional Marriage Muhurat Dates)

मार्च-अप्रैल 2026 के अतिरिक्त मुहूर्त:

41. 2 मार्च 2026 (सोमवार) – चैत्र शुक्ल द्वितीया, हस्त नक्षत्र 42. 16 मार्च 2026 (सोमवार) – चैत्र शुक्ल पक्ष, अश्विनी नक्षत्र 43. 6 अप्रैल 2026 (सोमवार) – वैशाख शुक्ल तृतीया 44. 19 अप्रैल 2026 (रविवार) – वैशाख कृष्ण पक्ष पंचमी 45. 26 अप्रैल 2026 (रविवार) – वैशाख कृष्ण द्वादशी

मई-जून 2026 के अतिरिक्त मुहूर्त:

46. 3 मई 2026 (रविवार) – ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी 47. 10 मई 2026 (रविवार) – ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी 48. 17 मई 2026 (रविवार) – ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी 49. 24 मई 2026 (रविवार) – ज्येष्ठ अमावस्या 50. 7 जून 2026 (रविवार) – आषाढ़ शुक्ल षष्ठी

अक्टूबर-नवंबर 2026 के अतिरिक्त मुहूर्त:

51. 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) – कार्तिक शुक्ल सप्तमी 52. 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) – कार्तिक कृष्ण द्वितीया 53. 28 अक्टूबर 2026 (बुधवार) – कार्तिक कृष्ण नवमी 54. 4 नवंबर 2026 (बुधवार) – मार्गशीर्ष शुक्ल तृतीया 55. 11 नवंबर 2026 (बुधवार) – मार्गशीर्ष शुक्ल दशमी

दिसंबर 2026 के अतिरिक्त मुहूर्त:

56. 2 दिसंबर 2026 (बुधवार) – पौष शुक्ल प्रतिपदा 57. 9 दिसंबर 2026 (बुधवार) – पौष शुक्ल अष्टमी 58. 16 दिसंबर 2026 (बुधवार) – पौष कृष्ण प्रतिपदा 59. 20 दिसंबर 2026 (रविवार) – पौष कृष्ण पंचमी

मिथिला पंचांग 2026 के प्रमुख त्योहार और पर्व

माघ मास 2026 (जनवरी-फरवरी) के त्योहार

1. मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2026

  • मिथिला में खिचड़ी पर्व के रूप में मनाया जाता है
  • दान-पुण्य का विशेष महत्व
  • तिल और गुड़ के व्यंजन

2. बसंत पंचमी – 12 फरवरी 2026

  • सरस्वती पूजा का मुख्य दिन
  • शिक्षा और कला का उत्सव
  • पीले वस्त्र धारण करने की परंपरा

3. महाशिवरात्रि – 26 फरवरी 2026

  • भगवान शिव की आराधना
  • रात्रि जागरण और व्रत
  • बेल पत्र का विशेष महत्व

चैत्र मास 2026 (मार्च-अप्रैल) के पर्व

4. होलिका दहन – 13 मार्च 2026

  • रंगों का त्योहार होली – 14 मार्च 2026
  • फाग गीत और मिथिला की विशेष परंपराएं

5. चैत्र नवरात्रि – 30 मार्च से 7 अप्रैल 2026

  • नौ दिनों तक देवी की आराधना
  • कन्या पूजन का विशेष महत्व
  • व्रत और उपवास की परंपरा

6. राम नवमी – 6 अप्रैल 2026

  • भगवान राम का जन्मोत्सव
  • रामायण पाठ और भजन
  • मंदिरों में विशेष पूजा

वैशाख मास 2026 (अप्रैल-मई) के महत्वपूर्ण दिन

7. अक्षय तृतीया – 29 अप्रैल 2026

  • वर्ष का सबसे शुभ दिन
  • सोना खरीदने की परंपरा
  • बिना मुहूर्त के शुभ कार्य

8. परशुराम जयंती – 29 अप्रैल 2026

  • भगवान परशुराम का जन्मदिवस
  • ब्राह्मण समाज में विशेष उत्सव

ज्येष्ठ-आषाढ़ मास 2026 (मई-जून-जुलाई)

9. वट सावित्री व्रत – 27 मई 2026

  • सुहागिन स्त्रियों का व्रत
  • वट वृक्ष की पूजा
  • पति की लंबी आयु की कामना

10. गंगा दशहरा – 5 जून 2026

  • गंगा अवतरण का पर्व
  • पवित्र नदियों में स्नान
  • दान और पुण्य कार्य

श्रावण मास 2026 (जुलाई-अगस्त) – सावन के पर्व

11. हरियाली तीज – 20 जुलाई 2026

  • सुहागिन स्त्रियों का व्रत
  • झूला झूलने की परंपरा
  • हरे वस्त्र और श्रृंगार

12. नाग पंचमी – 1 अगस्त 2026

  • सर्प देवता की पूजा
  • दूध चढ़ाने की परंपरा
  • मिथिला में विशेष मान्यता

13. रक्षा बंधन – 9 अगस्त 2026

  • भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार
  • राखी बांधने की परंपरा
  • मिठाई और उपहार

14. कृष्ण जन्माष्टमी – 16 अगस्त 2026

  • भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव
  • रात्रि 12 बजे का विशेष समय
  • दही हांडी और रासलीला

भाद्रपद मास 2026 (अगस्त-सितंबर)

15. हरतालिका तीज – 29 अगस्त 2026

  • कुंवारी कन्याओं का व्रत
  • शिव-पार्वती की पूजा
  • उत्तम पति की कामना

16. गणेश चतुर्थी – 31 अगस्त 2026

  • भगवान गणेश का जन्मदिन
  • 10 दिनों तक उत्सव
  • विसर्जन की परंपरा

आश्विन मास 2026 (सितंबर-अक्टूबर) – शारदीय नवरात्रि

17. शारदीय नवरात्रि – 17 से 25 सितंबर 2026

  • देवी दुर्गा की नौ दिनों की पूजा
  • मिथिला में विशेष परंपराएं
  • कन्या भोज और दुर्गा पूजा

18. दुर्गा अष्टमी – 24 सितंबर 2026

  • आठवें दिन का विशेष महत्व
  • कुमारी पूजन
  • हवन और यज्ञ

19. महा नवमी – 25 सितंबर 2026

  • नवरात्रि का नौवां दिन
  • दुर्गा पूजा का समापन
  • विशेष भोग और आरती

20. विजयादशमी (दशहरा) – 26 सितंबर 2026

  • राम की रावण पर विजय
  • बुराई पर अच्छाई की जीत
  • रावण दहन की परंपरा

कार्तिक मास 2026 (अक्टूबर-नवंबर) – दीपावली का महीना

21. करवा चौथ – 8 अक्टूबर 2026

  • सुहागिन स्त्रियों का निर्जला व्रत
  • चंद्रोदय के बाद अर्घ्य
  • पति की लंबी उम्र की प्रार्थना

22. धनतेरस – 29 अक्टूबर 2026

  • धन की देवी लक्ष्मी की पूजा
  • बर्तन और सोना खरीदने की परंपरा
  • दीपावली की शुरुआत

23. नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली) – 30 अक्टूबर 2026

  • यम पूजा का दिन
  • तेल स्नान की परंपरा
  • दीप जलाना

24. दीपावली (लक्ष्मी पूजा) – 1 नवंबर 2026

  • प्रकाश का महोत्सव
  • लक्ष्मी-गणेश पूजा
  • दीप, पटाखे और मिठाई

25. गोवर्धन पूजा – 2 नवंबर 2026

  • कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने का उत्सव
  • अन्नकूट का भोग
  • गोधन की पूजा

26. भाई दूज – 3 नवंबर 2026

  • भाई-बहन का पवित्र त्योहार
  • बहन द्वारा भाई का तिलक
  • मिथिला में विशेष महत्व

27. छठ पूजा (संध्या अर्घ्य) – 6 नवंबर 2026

  • सूर्य देव की आराधना का पहला दिन
  • जल में खड़े होकर अर्घ्य
  • कठोर व्रत की परंपरा

28. छठ पूजा (उषा अर्घ्य) – 7 नवंबर 2026

  • सूर्योदय के समय अर्घ्य
  • व्रत का पारण
  • मिथिला का सबसे बड़ा पर्व

29. देव उठनी एकादशी – 15 नवंबर 2026

  • चातुर्मास का समापन
  • शुभ कार्यों की शुरुआत
  • तुलसी विवाह

मार्गशीर्ष-पौष मास 2026 (नवंबर-दिसंबर)

30. विवाह पंचमी – 25 नवंबर 2026

  • सीता-राम विवाह का उत्सव
  • जनकपुर में विशेष समारोह
  • मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर

मिथिला पंचांग में विवाह के लिए शुभ नक्षत्र

विवाह के लिए निम्नलिखित नक्षत्र शुभ माने जाते हैं:

अत्यंत शुभ नक्षत्र (Most Auspicious Nakshatras)

  1. रोहिणी नक्षत्र – सर्वश्रेष्ठ, धन-धान्य की वृद्धि
  2. उत्तराफाल्गुनी – सुखी वैवाहिक जीवन
  3. उत्तराषाढ़ा – विजय और समृद्धि
  4. उत्तरा भाद्रपद – संतान सुख
  5. रेवती नक्षत्र – धन-समृद्धि और शांति

अन्य शुभ नक्षत्र (Other Good Nakshatras)

  1. मृगशिरा – प्रेम और स्नेह
  2. पुनर्वसु – पुनर्जन्म, नई शुरुआत
  3. पुष्य नक्षत्र – पोषण और समृद्धि
  4. हस्त – कुशलता और कला
  5. स्वाति – स्वतंत्रता और संतुलन
  6. अनुराधा – मित्रता और सहयोग
  7. श्रवण – ज्ञान और शिक्षा

विवाह में वर्जित नक्षत्र (Nakshatras to Avoid)

  • भरणी, कृत्तिका, आर्द्रा, अश्लेषा, मघा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल और पूर्वाभाद्रपद में विवाह वर्जित है।

मिथिला पंचांग में व्रत और उपवास (Fasts and Vrats in Mithila)

साप्ताहिक व्रत (Weekly Fasts)

सोमवार व्रत:

  • भगवान शिव की आराधना
  • 16 सोमवार व्रत की परंपरा
  • सुंदर पति की प्राप्ति

मंगलवार व्रत:

  • हनुमान जी की पूजा
  • शक्ति और साहस के लिए
  • लाल रंग का महत्व

गुरुवार व्रत:

  • बृहस्पति देव की पूजा
  • विवाह में बाधा निवारण
  • पीले वस्त्र और चने की दाल

शुक्रवार व्रत:

  • माता लक्ष्मी की आराधना
  • धन-समृद्धि के लिए
  • सफेद वस्त्र और मीठा भोजन

शनिवार व्रत:

  • शनि देव की पूजा
  • बाधा निवारण
  • तेल दान का महत्व

पाक्षिक व्रत (Fortnightly Fasts)

एकादशी व्रत:

  • माह में दो बार (शुक्ल और कृष्ण पक्ष)
  • भगवान विष्णु की आराधना
  • निर्जला या फलाहार व्रत
  • मोक्ष की प्राप्ति

प्रदोष व्रत:

  • त्रयोदशी को शिव पूजा
  • सायंकाल का विशेष समय
  • संतान और धन की प्राप्ति

पूर्णिमा व्रत:

  • माह की पूर्णिमा को व्रत
  • सत्यनारायण कथा
  • चंद्रमा की पूजा

अमावस्या व्रत:

  • पितृ तर्पण
  • दीप दान
  • काली माता की पूजा

मिथिला पंचांग के अनुसार मासिक शुभ मुहूर्त 2026

गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 (Griha Pravesh Muhurat)

जनवरी 2026:

  • 10, 17, 24 जनवरी

फरवरी 2026:

  • 7, 14, 21, 28 फरवरी

मार्च 2026:

  • 7, 14, 21, 28 मार्च

अप्रैल 2026:

  • 4, 11, 18, 25, 29 (अक्षय तृतीया) अप्रैल

मई 2026:

  • 2, 9, 16, 23, 30 मई

नामकरण संस्कार मुहूर्त 2026 (Namkaran Muhurat)

नामकरण संस्कार शिशु के जन्म के 11वें, 21वें या 101वें दिन किया जाता है। शुभ नक्षत्र:

  • रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, रेवती

मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026 (Mundan Ceremony)

बच्चे के पहले या तीसरे वर्ष में शुभ मुहूर्त:

  • फरवरी: 12, 19, 26
  • मार्च: 5, 12, 19, 26
  • अप्रैल: 2, 9, 16, 23, 29
  • मई: 7, 14, 21, 28

यज्ञोपवीत संस्कार मुहूर्त 2026 (Thread Ceremony)

शुभ माह: फाल्गुन, चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ (फरवरी से जून) विशेष तिथियां:

  • 12 फरवरी (बसंत पंचमी)
  • 29 अप्रैल (अक्षय तृतीया)
  • मई के सभी रविवार और गुरुवार

व्यापार शुरुआत मुहूर्त 2026 (Business Opening Muhurat)

सर्वश्रेष्ठ दिन:

  • अक्षय तृतीया: 29 अप्रैल 2026
  • दीपावली: 1 नवंबर 2026
  • धनतेरस: 29 अक्टूबर 2026
  • गुरु पुष्यामृत योग के दिन (माह में 2-3 बार)

वाहन खरीद मुहूर्त 2026 (Vehicle Purchase Muhurat)

शुभ महीने: चैत्र, वैशाख, कार्तिक, मार्गशीर्ष विशेष दिन:

  • 29 अप्रैल (अक्षय तृतीया)
  • 29 अक्टूबर (धनतेरस)
  • हर माह की पंचमी, सप्तमी, दशमी तिथि

मिथिला पंचांग की विशेषताएं और परंपराएं

मिथिला पंचांग की अनूठी परंपराएं

1. विवाह पत्रिका (Marriage Biodata) मिथिला में विवाह से पहले कुंडली मिलान अनिवार्य है:

  • अष्टकूट मिलान (36 गुणों का मिलान)
  • मांगलिक दोष की जांच
  • नाड़ी, भकूट और गण का मिलान
  • 18 से अधिक गुण मिलना शुभ

2. तिलक और साइत (Engagement Ceremony)

  • शुभ मुहूर्त में तिलक रस्म
  • साइत (विवाह तिथि) तय करना
  • गंगाजल और मिठाई का आदान-प्रदान

3. द्विरागमन (Second Marriage Ceremony) मिथिला में विशेष परंपरा:

  • प्रथम विवाह बचपन में
  • द्विरागमन परिपक्व उम्र में
  • दोनों का अलग मुहूर्त

4. कोहबर (Wedding Chamber)

  • मिथिला चित्रकला से सजावट
  • शुभ प्रतीक और मंगल चिह्न
  • पारंपरिक रंगों का प्रयोग

मिथिला में विशेष धार्मिक स्थल

1. जनकपुर धाम (नेपाल)

  • माता सीता की जन्मभूमि
  • राम-सीता विवाह स्थल
  • विवाह पंचमी का मुख्य उत्सव

2. मधुबनी के मंदिर

  • उच्चैठ भगवती मंदिर
  • सौरठ सभा
  • कपिलेश्वर मंदिर

3. दरभंगा के धार्मिक स्थल

  • अहिल्या स्थान
  • कुशेश्वर स्थान देव
  • चंद्रधारी संग्रहालय

4. समस्तीपुर के तीर्थ

  • सोनपुर मेला
  • गंडक-गंगा संगम
  • हरिहर क्षेत्र

मिथिला पंचांग 2026 में विशेष योग और मुहूर्त

राज योग (Auspicious Planetary Combinations)

गुरु पुष्यामृत योग:

  • सप्ताह में एक बार (गुरुवार + पुष्य नक्षत्र)
  • सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम
  • बिना गुण मिलान के भी विवाह संभव

रवि योग:

  • रविवार + हस्त/चित्रा/स्वाति/अनुराधा/उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
  • धन लाभ के लिए शुभ
  • नई शुरुआत के लिए उत्तम

सर्वार्थ सिद्धि योग:

  • विशेष वार और नक्षत्र का संयोग
  • सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
  • माह में 4-5 बार

अमृत सिद्धि योग:

  • अत्यंत दुर्लभ योग
  • अमृत के समान फलदायी
  • विशेष कार्यों के लिए

अशुभ योग जिनसे बचें (Inauspicious Combinations to Avoid)

व्यतीपात योग:

  • विवाह और शुभ कार्य वर्जित
  • केवल दान-पुण्य करें

वैधृति योग:

  • नए कार्य शुरू न करें
  • मंत्र जाप शुभ

विष्टि करण (भद्रा):

  • तिथि का विशेष भाग
  • शुभ कार्य टाल दें
  • रात्रि में विशेष प्रभाव

मिथिला पंचांग 2026 – महत्वपूर्ण सावधानियां

खरमास (Prohibited Period for Marriages)

2026 में खरमास:

  • प्रथम खरमास: मध्य जून से मध्य अक्टूबर 2026
  • द्वितीय खरमास: मध्य दिसंबर 2026 से मध्य जनवरी 2027

खरमास में वर्जित कार्य:

  • विवाह संस्कार
  • गृह प्रवेश
  • नवीन निर्माण
  • मुंडन संस्कार

खरमास में अनुमति:

  • पूजा-पाठ
  • धार्मिक कार्य
  • दान-पुण्य
  • व्रत-उपवास

पितृ पक्ष (Shradh Period)

2026 में पितृ पक्ष:

  • प्रारंभ: भाद्रपद पूर्णिमा (10 सितंबर 2026)
  • समाप्ति: आश्विन अमावस्या (25 सितंबर 2026)

पितृ पक्ष में वर्जित:

  • विवाह और शुभ कार्य
  • नए वस्त्र खरीदना
  • घर की मरम्मत

पितृ पक्ष में करें:

  • पितरों का श्राद्ध
  • ब्राह्मण भोजन
  • दान-दक्षिणा
  • तर्पण

मलमास (Adhik Maas/Purushottam Maas)

2026 में मलमास नहीं है, लेकिन यदि होता तो:

  • सभी शुभ कार्य वर्जित
  • केवल धार्मिक कार्य
  • विशेष पूजा-पाठ
  • दान का महत्व

मिथिला पंचांग के अनुसार दैनिक पूजा विधि

प्रातःकाल की पूजा (Morning Worship)

समय: ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से 1.5 घंटे पहले)

विधि:

  1. स्नान और शुद्धिकरण
  2. तुलसी पूजन
  3. सूर्य नमस्कार
  4. इष्ट देव आराधना
  5. गायत्री मंत्र जाप

संध्याकाल की पूजा (Evening Worship)

समय: सूर्यास्त के समय

विधि:

  1. दीप प्रज्वलन
  2. गोधूलि बेला पूजन
  3. आरती
  4. तुलसी परिक्रमा
  5. भजन-कीर्तन

रात्रि पूजा (Night Worship)

विशेष तिथियों पर:

  • शिवरात्रि जागरण
  • जन्माष्टमी पूजन
  • करवा चौथ व्रत
  • नवरात्रि जागरण

मिथिला की सांस्कृतिक विरासत और पंचांग

मिथिला चित्रकला (Madhubani Art)

पंचांग से जुड़ी कला:

  • कोहबर चित्र (विवाह कक्ष)
  • अरिपन (रंगोली)
  • पर्व-त्योहारों के चित्र
  • धार्मिक प्रतीक

मैथिली साहित्य

पंचांग आधारित रचनाएं:

  • विद्यापति के पद
  • लोक गीत और गाथाएं
  • पंचांग कथाएं
  • धार्मिक ग्रंथ

मिथिला का पारंपरिक भोजन

त्योहारों के विशेष व्यंजन:

  • खिचड़ी (मकर संक्रांति)
  • पेड़ा-पकवान (होली)
  • ठेकुआ (छठ पूजा)
  • खीर-पुआ (विवाह)
  • मालपुआ और दही-चूड़ा

मिथिला पंचांग 2026 का डिजिटल युग में महत्व

ऑनलाइन मिथिला पंचांग

आधुनिक सुविधाएं:

  • Mobile Apps
  • Website Calendars
  • E-Panchang
  • Digital Muhurat Notifications

सोशल मीडिया पर मिथिला संस्कृति

  • Facebook Groups
  • WhatsApp Communities
  • YouTube Channels
  • Instagram Pages

मिथिला पंचांग की ऐप्स

लोकप्रिय एप्लीकेशन:

  • Mithila Panchang App
  • Maithili Calendar
  • Vivah Muhurat Finder
  • Hindu Calendar (Mithila Version)

विवाह की तैयारी – मिथिला पंचांग चेकलिस्ट

6 महीने पहले (6 Months Before)

✓ मिथिला पंचांग से शुभ तिथि चुनें ✓ कुंडली मिलान करवाएं ✓ पंडित जी से मुहूर्त तय करें ✓ स्थल बुकिंग ✓ मेहमानों की सूची

3 महीने पहले (3 Months Before)

✓ शादी के कार्ड छपवाएं ✓ शॉपिंग शुरू करें ✓ सजावट की योजना ✓ कैटरिंग बुकिंग ✓ फोटोग्राफर की व्यवस्था

1 महीना पहले (1 Month Before)

✓ सभी रस्मों की तिथि तय करें ✓ पूजा सामग्री की व्यवस्था ✓ मेहंदी आर्टिस्ट बुकिंग ✓ परिवार को निमंत्रण ✓ अंतिम तैयारियां

1 सप्ताह पहले (1 Week Before)

✓ तिलक की रस्म ✓ हल्दी की तैयारी ✓ गणेश पूजन ✓ मंडप निर्माण ✓ अंतिम चेकलिस्ट

मिथिला पंचांग 2026 – विशेष सुझाव

पंडित जी से परामर्श

कब मिलें:

  • विवाह तिथि तय करने से पहले
  • कुंडली मिलान के लिए
  • विशेष पूजा-पाठ के लिए
  • दोष निवारण हेतु

क्या पूछें:

  • वर-वधू का मांगलिक दोष
  • शुभ मुहूर्त समय
  • विशेष उपाय
  • रत्न धारण

ज्योतिषीय सलाह

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • जन्म कुंडली की शुद्धता
  • नवग्रह शांति पूजा
  • दोष निवारण उपाय
  • रत्न और मंत्र

धार्मिक अनुष्ठान

विवाह से पहले:

  • गणेश पूजा
  • नवग्रह पूजन
  • कुलदेवता पूजन
  • पितृ तर्पण

विवाह के समय:

  • अग्नि साक्षी
  • सात फेरे
  • कन्यादान
  • सिंदूरदान

मिथिला समाज की विशेष मान्यताएं

विवाह से जुड़ी मान्यताएं

  1. कोहबर का महत्व:
    • नवविवाहित जोड़े का पहला कक्ष
    • मिथिला चित्रकला से सजावट
    • शुभ चिन्हों का अंकन
  2. द्विरागमन परंपरा:
    • पहली शादी बचपन में
    • दूसरा विवाह वयस्क होने पर
    • दोनों के अलग-अलग मुहूर्त
  3. गोसाउनि:
    • वर पक्ष की ओर से उपहार
    • वधू के लिए विशेष भेंट
    • परंपरागत वस्त्र और आभूषण

मिथिला के त्योहार विशेष

जूड़ शीतल:

  • चैत्र मास में मनाया जाता है
  • बासी भोजन ग्रहण करने की परंपरा
  • गर्मी से राहत का प्रतीक

सामा चकेवा:

  • कार्तिक मास में भाई-बहन का पर्व
  • मिट्टी के खिलौने
  • लोक गीत और नृत्य

तीजा-तिहारी:

  • सावन की तीज
  • बहुओं का मायके जाना
  • झूला और सावन के गीत

मिथिला पंचांग से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs)

Q1: मिथिला पंचांग और सामान्य हिंदू पंचांग में क्या अंतर है?

A: मिथिला पंचांग मूल रूप से विक्रम संवत पर आधारित है लेकिन इसमें मिथिलांचल की स्थानीय परंपराएं, त्योहार और मुहूर्त शामिल हैं। कुछ तिथियों और व्रतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

Q2: 2026 में कुल कितने विवाह मुहूर्त हैं?

A: मिथिला पंचांग 2026 में कुल 59 शुभ विवाह मुहूर्त हैं, जो मुख्यतः फरवरी से जून और अक्टूबर से दिसंबर के बीच हैं।

Q3: क्या खरमास में विवाह हो सकता है?

A: नहीं, मिथिला परंपरा में खरमास (जून से अक्टूबर मध्य) में विवाह वर्जित है। यह चातुर्मास का समय है जब देवता सोए हुए माने जाते हैं।

Q4: अक्षय तृतीया पर बिना मुहूर्त विवाह हो सकता है?

A: हां, अक्षय तृतीया (29 अप्रैल 2026) को पूरा दिन शुभ माना जाता है और बिना विशेष मुहूर्त के विवाह किया जा सकता है।

Q5: कुंडली मिलान में कम से कम कितने गुण मिलने चाहिए?

A: मिथिला परंपरा में 36 में से कम से कम 18 गुण मिलना आवश्यक है। 25 से अधिक गुण अत्यंत शुभ माने जाते हैं।

Q6: छठ पूजा 2026 में कब है?

A: छठ पूजा 2026 में 6-7 नवंबर को मनाई जाएगी। संध्या अर्घ्य 6 नवंबर और उषा अर्घ्य 7 नवंबर को होगा।

Q7: मिथिला पंचांग ऑनलाइन कैसे देखें?

A: आप विभिन्न वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स जैसे Mithila Panchang App, Drik Panchang, या Prokerala पर मिथिला पंचांग देख सकते हैं।

Q8: नवरात्रि 2026 में कब है?

A: 2026 में दो नवरात्रि होंगी – चैत्र नवरात्रि (30 मार्च – 7 अप्रैल) और शारदीय नवरात्रि (17-25 सितंबर)।

Q9: गृह प्रवेश के लिए सबसे शुभ महीना कौन सा है?

A: मिथिला पंचांग में चैत्र, वैशाख, कार्तिक और मार्गशीर्ष महीने गृह प्रवेश के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं।

Q10: देव उठनी एकादशी 2026 में कब है?

A: देव उठनी एकादशी 15 नवंबर 2026 को है। इस दिन के बाद विवाह सीजन शुरू होता है।

निष्कर्ष

मिथिला पंचांग 2026 आपके सभी शुभ कार्यों के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है। चाहे आप विवाह की योजना बना रहे हों, गृह प्रवेश कर रहे हों, या कोई नया व्यवसाय शुरू कर रहे हों, यह पंचांग आपको सही समय और शुभ मुहूर्त चुनने में मदद करेगा।

59 विवाह मुहूर्त के साथ 2026 विवाह के लिए एक बेहतरीन वर्ष है। फरवरी से जून और अक्टूबर से दिसंबर के महीने विशेष रूप से शुभ हैं।

महत्वपूर्ण सुझाव:

  1. हमेशा स्थानीय पंडित जी से परामर्श लें
  2. कुंडली मिलान अवश्य करवाएं
  3. शुभ मुहूर्त समय का पालन करें
  4. परंपरागत रीति-रिवाजों का सम्मान करें
  5. धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण श्रद्धा से करें

जय माता जानकी! जय श्री राम!


नोट: यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। किसी भी शुभ कार्य से पहले योग्य ज्योतिषी या पंडित से परामर्श अवश्य लें। व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर मुहूर्त में बदलाव हो सकता है।


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शुभ संकल्प! शुभ लाभ!

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