
हनुमान जी संकटों के नाशक हैं। हनुमान जी की भक्ति से भक्त के साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, और उसके जीवन से रोग-बाधाएँ तथा डर दूर होते हैं। नीचे हम हनुमान मंत्र हिंदी में (Hanuman Mantra in Hindi) को समर्पित 11 प्रमुख मंत्रों को उनके अर्थ और लाभ के साथ प्रस्तुत कर रहे हैं (इनमें हनुमान मंत्र हिंदी में (Hanuman Mantra in Hindi) शामिल है):
१. ॐ श्री हनुमते नमः
हनुमान जी का यह मूल मंत्र है। इसका अर्थ है “मैं हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ”।
लाभ:
- भयमुक्ति, साहस व आत्मविश्वास में वृद्धि
- सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति
२. ॐ ऐं भ्रीम हनुमते श्रीरामदूताय नमः
इस मंत्र का उच्चारण हनुमान जी की स्मरण शक्ति को बढ़ाता है। इसका अर्थ है “सभी संकटों का नाश करने वाले, श्रीराम के शौर्यवान दूत हनुमान जी को हमारा प्रणाम”।
लाभ:
- कार्यों में सफलता
- वाणी में प्रभाव बढ़ना
- बुरी नज़र से रक्षा
३. ॐ हं हनुमते नमः
यह हनुमान जी का बीज मंत्र है। अर्थ है ‘हे हनुमान जी, मैं आपको नमन करता हूँ’।
लाभ:
- शारीरिक एवं मानसिक ऊर्जा में वृद्धि
- साहस (मनोबल) में वृद्धि
- विपत्तियों से रक्षा
४. ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा।
इस मंत्र को हनुमान रक्षा मंत्र कहते हैं। इसका अर्थ है ‘अंजना के पुत्र, पराक्रमी हनुमान जी को नमस्कार’।
लाभ:
- अकस्मात आने वाली आपदाओं से रक्षा
- भयमुक्ति
- राहु-केतु दोषों से मुक्ति
५. ॐ हं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हूँ फट्॥
यह सर्वबाधा मुक्ति हनुमान मंत्र है। इस मंत्र के जाप से नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं और संकट नष्ट हो जाते हैं।
लाभ:
- नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
- सभी बाधाओं का निवारण
- मानसिक शांति
६. ॐ नमो हरि मर्कट मर्कटाय स्वाहा।
यह गुप्त हनुमान मंत्र है। कहते हैं कि इसके जाप से गुप्त संकट और अज्ञात शत्रु दूर होते हैं।
लाभ:
- अज्ञात शत्रुओं द्वारा उत्पन्न बाधाओं से सुरक्षा
- नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
७. ॐ नमो भगवते पंचवदनाय आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा।
यह पंचमुखी हनुमान बीज मंत्र है। इस मंत्र के जाप से हनुमान जी के पंचमुखी स्वरूप की पूजा में लाभ मिलता है।
लाभ:
- चारों दिशाओं से रक्षा
- सम्पूर्ण ऊर्जा का संरक्षण
हनुमान जी की आराधना में उनके कई रूप देखे जाते हैं। हर रूप में हनुमान जी की पूजा करने से भक्त को शक्ति मिलती है। नीचे एक शांत मुद्रा में बैठे हनुमान जी का चित्र है:
८. ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
यह हनुमान गायत्री मंत्र है। अर्थ है “हम अंजनी के पुत्र, पवनपुत्र हनुमान से प्रार्थना करते हैं कि आप हमें अपनी कृपा दृष्टि से ज्ञान और बुद्धि प्रदान करें”।
लाभ:
- भय का नाश
- मानसिक शांति
- आत्मविश्वास में वृद्धि
९. ॐ श्री वज्रदेहाय रामभक्ताय वायुपुत्राय नमस्तुते॥
इसे अंजनेय मंत्र कहते हैं। अर्थ है ‘हे वज्रदेह (अटलबुद्धि) धारी रामभक्त हनुमान जी, आपको मेरा प्रणाम’।
लाभ:
- आत्मविश्वास में वृद्धि
- परीक्षा/नौकरी में सफलता
- जीवन की समस्याओं से मुक्ति
१०. ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा॥
यह रुद्रावतार हनुमान मंत्र है। अर्थ है “हे हनुमान, आप रूद्र अवतार हो, आप हमारे सभी शत्रुओं को नष्ट करने वाले और सभी रोगों को दूर करने वाले रामदूत हैं”।
लाभ:
- सर्व रोगों का नाश
- सभी शत्रुओं पर विजय
- सभी बाधाओं से मुक्ति
११. बजरंग बाण
बजरंग बाण हनुमान जी को समर्पित एक शक्तिशाली स्तोत्र है। इसका पाठ विशेषकर तब किया जाता है जब सभी उपाय विफल लगने लगें।
लाभ:
- मन से भय का नाश
- रोगों से मुक्ति
- बाधाओं पर विजय
स्रोत: सभी मंत्रों का अर्थ एवं लाभ विभिन्न स्त्रोतों जैसे श्रीमंदिर तथा ज्योतिषाचार्यों द्वारा प्रकाशित ग्रंथों से संकलित किया गया है