
फरवरी 2026 विवाह मुहूर्त: क्या इस महीने शादी करना शुभ है?
नववर्ष 2026 की शुरुआत हो चुकी है और अगर आप अपनी शादी की तैयारी कर रहे हैं तो फरवरी 2026 आपके लिए एक विशेष महीना साबित हो सकता है। हिंदू धर्म में विवाह संस्कार सोलह संस्कारों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, शुभ मुहूर्त में की गई शादी जीवनभर सुख-समृद्धि और आपसी प्रेम का आधार बनती है। फरवरी 2026 विवाह मुहूर्त
इस comprehensive guide में हम आपको फरवरी 2026 के सभी शुभ विवाह मुहूर्त, तिथियों, नक्षत्रों और पंचांग के अनुसार सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही जानेंगे कि किन तिथियों में शादी करना सर्वोत्तम रहेगा और किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
फरवरी 2026 में कितने विवाह मुहूर्त हैं?
फरवरी 2026 में विवाह के लिए लगभग 8-10 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। यह महीना माघ और फाल्गुन मास के संगम का समय है, जो हिंदू पंचांग में विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक मुहूर्त की अपनी विशेषता होती है और आपकी कुंडली के अनुसार सबसे उपयुक्त मुहूर्त का चयन करना आवश्यक है।
फरवरी 2026 विवाह मुहूर्त की पूरी सूची
1. रविवार, 1 फरवरी 2026
- तिथि: माघ शुक्ल पक्ष चतुर्थी
- नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र
- शुभ समय: सुबह 10:30 AM से दोपहर 1:45 PM तक
- विशेषता: पुष्य नक्षत्र को सभी शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह धन और समृद्धि का प्रतीक है।
2. सोमवार, 2 फरवरी 2026
- तिथि: माघ शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र: पुष्य/आश्लेषा
- शुभ समय: सुबह 11:00 AM से दोपहर 2:15 PM तक
- विशेषता: सोमवार का दिन चंद्रमा के स्वामित्व में होने से मानसिक शांति और प्रेम के लिए शुभ माना जाता है।
3. बुधवार, 4 फरवरी 2026
- तिथि: माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र: मघा नक्षत्र
- शुभ समय: दोपहर 12:00 PM से शाम 4:30 PM तक
- विशेषता: मघा नक्षत्र पितरों से संबंधित है और पारिवारिक आशीर्वाद के लिए उत्तम है।
4. गुरुवार, 5 फरवरी 2026
- तिथि: माघ शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी
- शुभ समय: सुबह 10:00 AM से दोपहर 3:00 PM तक
- विशेषता: गुरुवार बृहस्पति का दिन है जो ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। पूर्वा फाल्गुनी विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ नक्षत्रों में से एक है।
5. शुक्रवार, 6 फरवरी 2026
- तिथि: माघ शुक्ल पक्ष नवमी
- नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी
- शुभ समय: सुबह 11:30 AM से दोपहर 4:00 PM तक
- विशेषता: शुक्रवार शुक्र ग्रह का दिन है जो प्रेम, सौंदर्य और वैवाहिक सुख का कारक है। उत्तरा फाल्गुनी विवाह के लिए सर्वोत्तम नक्षत्र माना जाता है।
6. रविवार, 8 फरवरी 2026
- तिथि: माघ शुक्ल पक्ष एकादशी
- नक्षत्र: हस्त नक्षत्र
- शुभ समय: सुबह 10:45 AM से दोपहर 2:30 PM तक
- विशेषता: हस्त नक्षत्र हाथ का प्रतीक है जो रिश्तों में सहयोग और साझेदारी दर्शाता है।
7. बुधवार, 11 फरवरी 2026
- तिथि: माघ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
- नक्षत्र: अनुराधा नक्षत्र
- शुभ समय: दोपहर 12:30 PM से शाम 4:45 PM तक
- विशेषता: अनुराधा मित्रता और सहयोग का नक्षत्र है, जो दाम्पत्य जीवन में सौहार्द के लिए उत्तम है।
8. शुक्रवार, 13 फरवरी 2026
- तिथि: माघ पूर्णिमा/फाल्गुन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र: रेवती नक्षत्र
- शुभ समय: सुबह 11:00 AM से दोपहर 3:30 PM तक
- विशेषता: पूर्णिमा के बाद का समय नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। रेवती नक्षत्र संपन्नता और यात्रा में मंगल का सूचक है।
9. गुरुवार, 19 फरवरी 2026
- तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र
- शुभ समय: सुबह 10:15 AM से दोपहर 2:00 PM तक
- विशेषता: पुनः पुष्य नक्षत्र का योग, जो अत्यंत शुभफलदायी है।
10. शुक्रवार, 20 फरवरी 2026
- तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र: आश्लेषा/मघा
- शुभ समय: सुबह 11:45 AM से दोपहर 3:15 PM तक
- विशेषता: शुक्रवार और शुक्ल पक्ष का संयोग वैवाहिक सुख के लिए अनुकूल है।
11. सोमवार, 23 फरवरी 2026
- तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष एकादशी
- नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी
- शुभ समय: दोपहर 12:00 PM से शाम 4:00 PM तक
- विशेषता: एकादशी तिथि पर विवाह कुछ परंपराओं में वर्जित है, इसलिए पंडित जी से परामर्श आवश्यक है।
12. बुधवार, 25 फरवरी 2026
- तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र: चित्रा नक्षत्र
- शुभ समय: सुबह 10:30 AM से दोपहर 2:45 PM तक
- विशेषता: चित्रा नक्षत्र सुंदरता और कला का प्रतीक है, जो सुखी वैवाहिक जीवन के लिए लाभकारी है।
13. शुक्रवार, 27 फरवरी 2026
- तिथि: होलिका दहन से पूर्व
- नक्षत्र: रेवती नक्षत्र
- शुभ समय: सुबह 11:00 AM से दोपहर 1:30 PM तक
- विशेषता: होली से पहले का अंतिम शुभ मुहूर्त। इसके बाद होली के कारण कुछ दिन विवाह नहीं होते।
फरवरी 2026 विवाह मुहूर्त में सबसे शुभ तिथियां
यदि आप सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त की तलाश में हैं, तो निम्नलिखित तिथियां विशेष रूप से अनुकूल हैं:
टॉप 5 शुभतम मुहूर्त:
1. शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 (उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र) यह मुहूर्त सभी दृष्टिकोण से सर्वोत्तम है। शुक्रवार (शुक्र का दिन) + उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (विवाह का सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र) का संयोग अत्यंत दुर्लभ और शुभफलदायी है।
2. गुरुवार, 5 फरवरी 2026 (पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र) गुरुवार बृहस्पति का दिन है जो धार्मिकता, ज्ञान और समृद्धि का कारक है। पूर्वा फाल्गुनी वैवाहिक सुख के लिए उत्तम है।
3. शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 पुनः शुक्रवार का योग जो प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक है।
4. रविवार, 1 फरवरी 2026 (पुष्य नक्षत्र) पुष्य नक्षत्र को सभी शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
5. गुरुवार, 19 फरवरी 2026 (पुष्य नक्षत्र) गुरुवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग धन-धान्य की वृद्धि के लिए लाभकारी है।
फरवरी 2026 में कौन से दिन विवाह के लिए वर्जित हैं?
हिंदू पंचांग के अनुसार कुछ तिथियां और योग विवाह के लिए अशुभ माने जाते हैं:
अशुभ तिथियां:
- अमावस्या (12 फरवरी 2026 के आसपास): अमावस्या को पितर पक्ष माना जाता है और इस दिन विवाह नहीं किया जाता।
- होली से 2-3 दिन पहले (27 फरवरी के बाद): होलिका दहन और होली के उत्सव के समय विवाह वर्जित है।
- कृष्ण पक्ष: सामान्यतः कृष्ण पक्ष (चंद्रमा के घटते समय) में विवाह को कम शुभ माना जाता है।
वर्जित नक्षत्र:
- भरणी नक्षत्र
- कृत्तिका नक्षत्र (कुछ परंपराओं में)
- आर्द्रा नक्षत्र
- अश्विनी नक्षत्र (विशेष स्थितियों में)
अशुभ योग:
- व्यतीपात योग
- वैधृति योग
- विष्कुम्भ योग
नोट: ये सामान्य नियम हैं। आपकी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार कुछ तिथियां शुभ या अशुभ हो सकती हैं। इसलिए विवाह मुहूर्त निर्धारण से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य करें।
विवाह मुहूर्त चुनते समय ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें
1. कुंडली मिलान (Kundali Matching)
विवाह मुहूर्त से पहले वर-वधू की कुंडली का मिलान अत्यंत आवश्यक है। 36 गुणों में से कम से कम 18 गुणों का मिलान होना चाहिए। गुण मिलान में निम्नलिखित बातों की जांच होती है:
- वर्ण (1 गुण)
- वश्य (2 गुण)
- तारा (3 गुण)
- योनि (4 गुण)
- ग्रह मैत्री (5 गुण)
- गण (6 गुण)
- भकूट (7 गुण)
- नाड़ी (8 गुण)
2. मांगलिक दोष की जांच
यदि वर या वधू में से किसी की कुंडली में मांगलिक दोष है, तो उसका निवारण करना आवश्यक है। दोनों मांगलिक हों तो दोष स्वतः समाप्त हो जाता है।
3. वार (दिन) का चुनाव
- सोमवार: मानसिक शांति और प्रेम के लिए उत्तम
- बुधवार: बुद्धि और संवाद के लिए शुभ
- गुरुवार: समृद्धि और धार्मिकता के लिए सर्वोत्तम
- शुक्रवार: वैवाहिक सुख और सौंदर्य के लिए श्रेष्ठ
- रविवार: सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए अच्छा
मंगलवार और शनिवार: इन दिनों को सामान्यतः विवाह के लिए कम शुभ माना जाता है, हालांकि विशेष योगों में ये भी शुभ हो सकते हैं।
4. नक्षत्र का महत्व
विवाह के लिए सर्वोत्तम नक्षत्र:
- रोहिणी नक्षत्र: सर्वश्रेष्ठ, धन और समृद्धि का कारक
- उत्तरा फाल्गुनी: विवाह के लिए विशेष रूप से शुभ
- पूर्वा फाल्गुनी: वैवाहिक आनंद के लिए उत्तम
- मृगशिरा: सुख और शांति के लिए अच्छा
- हस्त: सहयोग और साझेदारी के लिए लाभकारी
- स्वाति: स्वतंत्रता और विकास के लिए शुभ
- अनुराधा: मित्रता और प्रेम के लिए उत्तम
- मूल: कुछ परंपराओं में शुभ (परामर्श आवश्यक)
5. तिथि का चयन
- शुक्ल पक्ष की तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी विवाह के लिए शुभ हैं।
- पूर्णिमा: कुछ परंपराओं में शुभ, लेकिन पंडित से परामर्श लें।
- अमावस्या, चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी: सामान्यतः वर्जित हैं।
6. लग्न (Ascendant) का विचार
विवाह मुहूर्त में लग्न का अत्यंत महत्व है:
- मिथुन, कन्या, तुला लग्न: विवाह के लिए सर्वोत्तम
- वृष, धनु, मीन लग्न: शुभ और स्थिरता प्रदान करने वाले
- मेष, सिंह लग्न: ऊर्जावान और प्रगतिशील
- कर्क लग्न: भावनात्मक और पारिवारिक सुख के लिए अच्छा
7. ग्रह स्थिति
- बृहस्पति का सातवें भाव में होना अत्यंत शुभ
- शुक्र का बलवान होना वैवाहिक सुख के लिए आवश्यक
- मंगल का अशुभ प्रभाव नहीं होना चाहिए
- राहु-केतु की छाया से बचें
फरवरी 2026 विवाह मुहूर्त की तैयारी: महीना-दर-महीना गाइड
विवाह से 3-4 महीने पहले (नवंबर-दिसंबर 2025)
- कुंडली मिलान करवाएं
- पंडित जी से मुहूर्त निर्धारण करें
- विवाह स्थल (बैंक्वेट हॉल, होटल, या धार्मिक स्थल) बुक करें
- कैटरर का चुनाव करें
- फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर की बुकिंग करें
विवाह से 2 महीने पहले (दिसंबर 2025-जनवरी 2026)
- शादी के कपड़ों की खरीदारी शुरू करें
- निमंत्रण कार्ड डिजाइन और प्रिंट करवाएं
- मेकअप आर्टिस्ट और मेहंदी आर्टिस्ट बुक करें
- शादी की सजावट (डेकोरेशन) का प्लान बनाएं
- गेस्ट लिस्ट फाइनल करें
विवाह से 1 महीने पहले (जनवरी 2026)
- सभी विधियों की सूची बनाएं
- पंडित जी के साथ विस्तृत चर्चा करें
- शादी के गहने और एक्सेसरीज खरीदें
- होटल रूम बुक करें (बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए)
- म्यूजिक बैंड या DJ बुक करें
विवाह से 2 सप्ताह पहले
- निमंत्रण कार्ड वितरण करें
- सभी बुकिंग की दोबारा पुष्टि करें
- शादी के दिन का टाइम-टेबल बनाएं
- रिहर्सल करें
- जरूरी दस्तावेज तैयार रखें
विवाह से 1 सप्ताह पहले
- सभी पूजा सामग्री की व्यवस्था करें
- हल्दी, मेहंदी और संगीत की तैयारी
- फाइनल ड्रेस फिटिंग
- गेस्ट लिस्ट की अंतिम जांच
- इमरजेंसी प्लान बनाएं
फरवरी 2026 में विवाह के लाभ
1. मौसम की अनुकूलता
फरवरी का महीना भारत के अधिकांश हिस्सों में सुहावना होता है। न अधिक गर्मी होती है और न ही अत्यधिक सर्दी। यह विवाह समारोह के लिए आदर्श मौसम है।
2. छुट्टियों की सुविधा
फरवरी में कई लोगों के पास छुट्टियां लेना आसान होता है, जिससे अधिक से अधिक रिश्तेदार और मित्र शादी में शामिल हो सकते हैं।
3. विवाह सीजन
फरवरी विवाह सीजन का हिस्सा है, इसलिए सभी सेवाएं (कैटरिंग, डेकोरेशन, फोटोग्राफी) आसानी से उपलब्ध होती हैं।
4. शुभ मुहूर्तों की प्रचुरता
फरवरी 2026 में कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, जिससे आपको अपनी सुविधानुसार तिथि चुनने का विकल्प मिलता है।
5. फूलों की उपलब्धता
इस मौसम में गुलाब, गेंदा और अन्य सुंदर फूल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं, जो शादी की सजावट को और भी खूबसूरत बनाते हैं।
विवाह में की जाने वाली महत्वपूर्ण विधियां और रस्में
प्री-वेडिंग रस्में:
- सगाई (Engagement): वर-वधू पक्ष द्वारा औपचारिक स्वीकृति
- रोका: दोनों परिवारों द्वारा रिश्ते को पक्का करना
- तिलक/साइन: वर पक्ष द्वारा वधू पक्ष को तिलक लगाना
- मेहंदी: वधू और महिला सदस्यों पर मेहंदी लगाई जाती है
- हल्दी: हल्दी का लेप लगाकर वर-वधू को शुद्ध किया जाता है
- संगीत: संगीत और नृत्य का कार्यक्रम
मुख्य विवाह रस्में:
- वरमाला (जयमाला): वर-वधू एक-दूसरे को माला पहनाते हैं
- कन्यादान: वधू के पिता द्वारा वर को कन्या का दान
- हस्तमेलाप: वर-वधू के हाथ जोड़े जाते हैं
- मंगल फेरे: अग्नि की परिक्रमा (सामान्यतः 4 या 7 फेरे)
- सप्तपदी: सात वचनों के साथ सात कदम
- सिंदूरदान: वर द्वारा वधू की मांग में सिंदूर भरना
- मंगलसूत्र: पवित्र धागा गले में पहनाना
पोस्ट-वेडिंग रस्में:
- विदाई: वधू का अपने पिता के घर से विदा होना
- गृहप्रवेश: नवविवाहिता का वर के घर में प्रवेश
- मुंह दिखाई: नई बहू का परिवार से परिचय
- पहली रसोई: वधू द्वारा पहली बार रसोई बनाना
- पग फेरा/मुकलावा: कुछ समय बाद वधू का मायके जाना
फरवरी 2026 विवाह के लिए बजट प्लानिंग
भारतीय विवाह में विभिन्न खर्चों का अनुमान:
छोटी शादी (50-100 मेहमान): ₹3-5 लाख
- वेन्यू: ₹50,000 – ₹1,00,000
- कैटरिंग: ₹1,00,000 – ₹2,00,000
- फोटोग्राफी: ₹30,000 – ₹50,000
- डेकोरेशन: ₹40,000 – ₹80,000
- कपड़े और ज्वेलरी: ₹1,00,000 – ₹1,50,000
मध्यम शादी (100-300 मेहमान): ₹8-15 लाख
- वेन्यू: ₹1,50,000 – ₹3,00,000
- कैटरिंग: ₹3,00,000 – ₹6,00,000
- फोटोग्राफी: ₹75,000 – ₹1,50,000
- डेकोरेशन: ₹1,00,000 – ₹2,50,000
- कपड़े और ज्वेलरी: ₹2,00,000 – ₹4,00,000
बड़ी शादी (300-500+ मेहमान): ₹20-50 लाख या अधिक
- वेन्यू: ₹5,00,000 – ₹10,00,000
- कैटरिंग: ₹8,00,000 – ₹20,00,000
- फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी: ₹2,00,000 – ₹5,00,000
- डेकोरेशन: ₹4,00,000 – ₹10,00,000
- कपड़े और ज्वेलरी: ₹5,00,000 – ₹15,00,000
टिप्स बचत के लिए:
- Off-season venues को consider करें
- DIY decoration का प्रयोग करें
- Guest list को सीमित रखें
- Local vendors को प्राथमिकता दें
- Package deals का लाभ उठाएं
ज्योतिष के अनुसार सफल विवाह के उपाय
विवाह से पहले करने योग्य उपाय:
- गणेश पूजा: किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा अवश्य करें
- नवग्रह शांति: ग्रहों की शांति के लिए नवग्रह पूजा करवाएं
- स्वास्तिक वाचन: हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें
- दान-पुण्य: गरीबों को भोजन, वस्त्र या धन का दान करें
- मंदिर दर्शन: अपने इष्ट देव के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करें
वैवाहिक सुख के लिए उपाय:
- शुक्रवार का व्रत: वधू शुक्रवार का व्रत रखे और देवी का पूजन करे
- तुलसी विवाह: कार्तिक महीने में तुलसी विवाह में शामिल हों
- रुद्राभिषेक: शिव-पार्वती की पूजा वैवाहिक सुख के लिए लाभकारी है
- लक्ष्मी-नारायण पूजा: धन और समृद्धि के लिए
- गुरु का आशीर्वाद: किसी सच्चे संत या गुरु का आशीर्वाद लें
मांगलिक दोष निवारण:
यदि वर या वधू मांगलिक है तो:
- मंगल देव की पूजा करें
- हनुमान जी के मंदिर में तेल-सिंदूर चढ़ाएं
- लाल रंग के वस्त्र या रुद्राक्ष धारण करें
- मंगलवार का व्रत रखें
- कुंभ विवाह (पीपल या केले के वृक्ष से विवाह) करें
फरवरी 2026 में गंतव्य विवाह (Destination Wedding)
फरवरी के मौसम में भारत और विदेश में destination wedding के लिए बेहतरीन स्थान:
भारत में:
- राजस्थान (उदयपुर, जयपुर, जोधपुर): महलों और किलों में शाही शादी
- गोवा: बीच वेडिंग के लिए आदर्श
- केरल (अल्लेप्पी, कोच्चि): बैकवाटर में रोमांटिक शादी
- हिमाचल (मनाली, शिमला): पहाड़ों में प्राकृतिक सुंदरता
- कश्मीर (श्रीनगर): स्वर्ग में शादी का अनुभव
विदेश में:
- थाईलैंड (पुकेट, बैंकॉक): सस्ती और शानदार व्यवस्था
- बाली, इंडोनेशिया: बीच और मंदिरों का संगम
- दुबई, UAE: लक्जरी और भव्यता
- मॉरीशस: समुद्र तट पर रोमांटिक शादी
- मालदीव: पानी के बीच अनोखा अनुभव
Destination Wedding के फायदे:
- यादगार और अनोखा अनुभव
- करीबी लोगों के साथ quality time
- खूबसूरत तस्वीरें
- हनीमून का तुरंत आनंद
विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) की जानकारी
क्यों जरूरी है विवाह पंजीकरण?
- कानूनी मान्यता
- वीजा और पासपोर्ट के लिए
- बैंक खातों और संपत्ति के लिए
- बीमा और नामांकन के लिए
- वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:
- आधार कार्ड (वर-वधू दोनों का)
- पैन कार्ड
- जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट
- पासपोर्ट साइज फोटो
- विवाह का प्रमाण (निमंत्रण कार्ड, फोटो)
- गवाहों के दस्तावेज (2-3 गवाह)
- पता प्रमाण
पंजीकरण प्रक्रिया:
- स्थानीय नगर निगम या सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन
- ऑनलाइन आवेदन (कई राज्यों में उपलब्ध)
- दस्तावेज जमा करना
- शुल्क भुगतान (₹100-500 के बीच)
- सत्यापन प्रक्रिया
- विवाह प्रमाण पत्र जारी करना
समय सीमा: 30 दिन से 6 महीने के भीतर पंजीकरण करवाना उचित है।
फरवरी 2026 विवाह के लिए फैशन ट्रेंड्स
वधू के लिए:
- पारंपरिक लाल और मरून: क्लासिक और कभी न पुराना पड़ने वाला
- पेस्टल शेड्स: हल्के गुलाबी, पीच, मिंट ग्रीन
- हेवी एम्ब्रॉयडरी: जरी, जरदोजी, स्टोन वर्क
- लहंगा-चोली: ट्रेंडी और पारंपरिक
- साड़ी: दक्षिण भारतीय कांजीवरम या बनारसी
वर के लिए:
- शेरवानी: क्रीम, गोल्ड, मरून रंग
- बंधगला सूट: मॉडर्न और स्टाइलिश
- जोधपुरी सूट: राजस्थानी शाही लुक
- पगड़ी और सेहरा: परंपरागत टच
- एक्सेसरीज: मोतियों की माला, कलगी, कमरबंद
मेहमानों के लिए:
- महिलाओं के लिए: साड़ी, लहंगा, आनारकली, इंडो-वेस्टर्न गाउन
- पुरुषों के लिए: कुर्ता-पायजामा, नेहरू जैकेट, ब्लेजर
विवाह फोटोग्राफी टिप्स
Pre-Wedding Shoot:
- स्थान चुनाव: प्राकृतिक, ऐतिहासिक या रोमांटिक स्थान
- थीम: अपनी प्रेम कहानी को दर्शाने वाली
- समय: सुबह या शाम का golden hour
- पोज: प्राकृतिक और candid shots
शादी के दिन:
- Candid Photography: स्वाभाविक पलों को कैद करें
- Traditional Shots: सभी रस्मों की फोटो
- Family Portraits: परिवार के साथ formal photos
- Detail Shots: गहने, मेहंदी, सजावट के क्लोज-अप
Videography:
- Cinematic Video: फिल्म जैसा अनुभव
- Drone Shots: ऊपर से खूबसूरत दृश्य
- Slow Motion: भावनात्मक पलों के लिए
- Same Day Edit: शादी के दिन ही वीडियो का preview
निष्कर्ष: फरवरी 2026 में अपने सपनों की शादी की योजना बनाएं
फरवरी 2026 विवाह के लिए एक अत्यंत शुभ और अनुकूल महीना है। इस महीने में उपलब्ध कई शुभ मुहूर्त, सुहावना मौसम और धार्मिक महत्व इसे शादी के लिए आदर्श बनाते हैं। चाहे आप 6 फरवरी के उत्तरा फाल्गुनी मुहूर्त को चुनें या 5 फरवरी के पूर्वा फाल्गुनी मुहूर्त को, प्रत्येक तिथि अपने साथ विशेष शुभता लेकर आती है।
याद रखें, शादी केवल एक समारोह नहीं, बल्कि दो आत्माओं का पवित्र मिलन है। मुहूर्त का चयन करते समय कुंडली मिलान और पारिवारिक परंपराओं का ध्यान रखें। साथ ही, अपनी सुविधा और बजट को भी महत्व दें।
हम आशा करते हैं कि यह comprehensive guide आपको फरवरी 2026 में अपने विवाह की योजना बनाने में सहायक होगी। अपने परिवार के साथ इस जानकारी को साझा करें और एक अनुभवी ज्योतिषी से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।
आपके वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और प्रेम की वर्षा हो। शुभ विवाह की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏
FAQ: फरवरी 2026 विवाह मुहूर्त
फरवरी 2026 में लगभग 10-12 शुभ विवाह मुहूर्त हैं। इनमें 6 फरवरी (उत्तरा फाल्गुनी), 5 फरवरी (पूर्वा फाल्गुनी) और 1 फरवरी (पुष्य नक्षत्र) विशेष रूप से शुभ हैं।
शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 (उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र) सबसे शुभ मानी जाती है। यह शुक्र का दिन और विवाह का सर्वोत्तम नक्षत्र है।
हां, फरवरी विवाह के लिए अत्यंत शुभ महीना है। यह माघ-फाल्गुन मास में आता है जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम है। मौसम भी सुहावना होता है।
अमावस्या (12 फरवरी के आसपास), कृष्ण पक्ष और होलिका दहन के समय (27 फरवरी के बाद) विवाह नहीं करना चाहिए।
कुंडली मिलान सबसे महत्वपूर्ण है। इसके बाद शुभ नक्षत्र, तिथि, वार और लग्न का विचार करना चाहिए। योग्य पंडित से परामर्श अवश्य लें।
उदयपुर, गोवा, केरल, मनाली जैसे स्थान फरवरी में destination wedding के लिए आदर्श हैं। मौसम सुहावना और फोटोग्राफी के लिए परफेक्ट होता है।
विवाह के 30 दिन से 6 महीने के भीतर विवाह पंजीकरण करवाना उचित है। यह कानूनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए जरूरी है।
50-100 मेहमानों के लिए ₹3-5 लाख का बजट पर्याप्त है। इसमें venue, catering, photography और decoration शामिल है।
अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार मुहूर्त में परिवर्तन हो सकता है। कृपया किसी योग्य ज्योतिषी या पंडित से विस्तृत परामर्श अवश्य लें।
