
प्रेमानंद जी महाराज स्वास्थ्य अपडेट दिसंबर 2025 | Premanand Ji Maharaj Health Update
वृंदावन के परम पूज्य प्रेमानंद जी महाराज की सेहत को लेकर लाखों भक्तों में चिंता बनी हुई है। राधारानी के परम भक्त और भजन मार्ग के प्रणेता पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज जी लगभग 20 वर्षों से गंभीर किडनी बीमारी (Polycystic Kidney Disease) से जूझ रहे हैं। दिसंबर 2025 में उनकी पदयात्रा के समय में हुए बदलाव ने एक बार फिर उनके स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस विस्तृत लेख में हम आपको प्रेमानंद जी महाराज की नवीनतम स्वास्थ्य स्थिति, उनकी बीमारी की पूरी जानकारी, डायलिसिस के बावजूद उनकी आध्यात्मिक यात्रा, और उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए की जा रही प्रार्थनाओं के बारे में संपूर्ण जानकारी देंगे।
प्रेमानंद जी महाराज कौन हैं? | Who is Premanand Ji Maharaj
परम पूज्य प्रेमानंद जी महाराज का जन्म 30 मार्च 1969 को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसौल ब्लॉक के अखरी गांव में हुआ था। उनका बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। माता का नाम श्रीमती रमा देवी और पिता का नाम शंभू पांडे था।
आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत
महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने घर त्याग कर संन्यास जीवन अपना लिया। वाराणसी में गंगा तट पर साधना करते हुए उन्हें आनंदस्वरूप ब्रह्मचारी और बाद में स्वामी आनंदाश्रम के नाम से जाना गया। राधावल्लभ संप्रदाय की दीक्षा लेने के बाद वे श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण के नाम से विख्यात हुए।
वृंदावन में स्थापना
आज वे वृंदावन के रमणरेती क्षेत्र में स्थित श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम के संस्थापक हैं। उनके सत्संग और राधा-कृष्ण भक्ति की शिक्षाओं ने लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया है। Instagram पर उनके आधिकारिक पेज @bhajanmarg_official पर 38 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं।
प्रेमानंद जी महाराज की बीमारी: पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD)
किडनी फेलियर की शुरुआत
प्रेमानंद जी महाराज को लगभग 18-20 वर्ष पहले (2005-2006 के आसपास) पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) का पता चला था। यह एक आनुवंशिक बीमारी है जिसमें किडनी में कई सिस्ट (Cysts) बन जाते हैं, जो धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता को नष्ट कर देते हैं।
पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) क्या है?
पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज एक गंभीर आनुवंशिक विकार है जिसमें:
- किडनी में द्रव से भरे हुए सिस्ट बन जाते हैं
- ये सिस्ट धीरे-धीरे किडनी को बड़ा और कमजोर बना देते हैं
- किडनी की छानने की क्षमता समाप्त हो जाती है
- अंततः किडनी फेलियर की स्थिति आ जाती है
दोनों किडनी की विफलता
वर्तमान में महाराज जी की दोनों किडनी पूरी तरह से काम करना बंद कर चुकी हैं। चिकित्सकीय भाषा में इसे Complete Renal Failure या End-Stage Kidney Disease (ESKD) कहते हैं।
नवीनतम स्वास्थ्य अपडेट दिसंबर 2025 | Latest Health Update December 2025
पदयात्रा के समय में बदलाव
दिसंबर 2025 में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रेमानंद जी महाराज जो पहले रात्रि 2:30 बजे अपनी पदयात्रा निकालते थे, अब शाम के समय पदयात्रा कर रहे हैं।
समय बदलाव के मुख्य कारण:
- कड़ाके की ठंड: दिसंबर-जनवरी में वृंदावन में तापमान काफी कम हो जाता है
- स्वास्थ्य सुरक्षा: ठंड में डायलिसिस के मरीजों की इम्युनिटी कमजोर होती है
- नियमित डायलिसिस: दैनिक 4 घंटे का डायलिसिस शरीर को कमजोर करता है
अक्टूबर 2025 में स्वास्थ्य बिगड़ा
अक्टूबर 2025 में महाराज जी की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। उस समय:
- उनकी आंखें सूज गई थीं और लाल हो गई थीं
- चेहरे पर सूजन और थकान के लक्षण दिखे
- आवाज कांपने लगी थी
- 12 दिनों तक पदयात्रा बंद रखनी पड़ी
- डायलिसिस 5 दिन से बढ़ाकर 7 दिन प्रति सप्ताह करना पड़ा
नवंबर-दिसंबर 2025 की स्थिति
नवंबर के बाद स्थिति में सुधार आया:
- डायलिसिस फिर से 5 दिन प्रति सप्ताह पर वापस आई
- आंखों की लालिमा और सूजन कम हुई
- शाम की पदयात्रा नियमित रूप से जारी है
- स्वास्थ्य स्थिर है लेकिन निगरानी में है
डायलिसिस: जीवन रक्षक उपचार | Daily Dialysis Treatment
वर्तमान में डायलिसिस की स्थिति
प्रेमानंद जी महाराज वर्तमान में:
- प्रतिदिन 4 घंटे का डायलिसिस करवाते हैं
- सप्ताह में 5-7 दिन डायलिसिस की जरूरत होती है
- आश्रम में होम डायलिसिस की व्यवस्था है
- यात्रा और तनाव कम करने के लिए घर पर ही इलाज होता है
डायलिसिस क्या है और कैसे काम करता है?
डायलिसिस एक चिकित्सा प्रक्रिया है जो किडनी का काम करती है:
- रक्त से विषाक्त पदार्थों को साफ करती है
- शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाती है
- रक्तचाप को नियंत्रित करती है
- हेमोडायलिसिस मशीन (डायलाइजर) से खून को फ़िल्टर किया जाता है
20 वर्षों से डायलिसिस पर जीवित रहना: एक चमत्कार
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, किडनी फेलियर के बाद लंबे समय तक जीवित रहना बहुत कठिन है। लेकिन प्रेमानंद जी महाराज:
- लगभग 20 वर्षों से इस बीमारी के साथ जी रहे हैं
- नियमित डायलिसिस के बावजूद सक्रिय आध्यात्मिक जीवन जी रहे हैं
- उनके चेहरे पर तेज और शांति बनी हुई है
- हजारों श्रद्धालुओं को प्रतिदिन मार्गदर्शन देते हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी:
- गहरी आध्यात्मिक साधना
- शुद्ध सात्विक आहार
- मानसिक शांति और ध्यान
- राधारानी में अटूट विश्वास
इन सभी कारकों ने उनके शरीर को अद्भुत शक्ति प्रदान की है।
किडनी ट्रांसप्लांट से इनकार: करुणा का प्रतीक
भक्तों ने किया किडनी दान का प्रस्ताव
प्रेमानंद जी महाराज की खराब सेहत को देखते हुए:
- सैकड़ों भक्तों ने अपनी किडनी दान करने की इच्छा जताई
- महामंडलेश्वर नवल योगी जैसे संतों ने भी प्रस्ताव दिया
- कई श्रद्धालु आश्रम में पहुंचे किडनी दान के लिए
महाराज जी का इनकार और उसके कारण
लेकिन प्रेमानंद जी महाराज ने सभी प्रस्तावों को विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया:
इनकार के प्रमुख कारण:
- करुणा और दया: “मैं किसी को अपने लिए पीड़ा नहीं देना चाहता”
- आध्यात्मिक स्वीकृति: इसे अपनी आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा मानते हैं
- राधारानी की इच्छा: जो भी हो रहा है, वह प्रभु की इच्छा है
- शरीर की नश्वरता: शरीर नाशवान है, आत्मा अमर है
महाराज जी के शब्दों में:
“दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं, अब मेरी सेहत में ठीक करने को कुछ बचा नहीं। मुझे तो जाना ही है, आज नहीं तो कल।”
यह वाक्य उनकी गहरी आध्यात्मिक समझ और जीवन-मृत्यु के प्रति निर्भयता को दर्शाता है।
पदयात्रा: भक्ति और समर्पण का प्रतीक | Premanand Ji Padyatra
पदयात्रा क्या है?
प्रेमानंद जी महाराज की पदयात्रा एक अनोखी परंपरा है जिसमें:
- वे वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर पैदल चलते हैं
- हजारों भक्त उनके दर्शन के लिए सड़कों पर रात भर प्रतीक्षा करते हैं
- राधा-कृष्ण के भजन और कीर्तन होते हैं
- सार्वजनिक रूप से सभी को दर्शन का अवसर मिलता है
पदयात्रा में बदलाव की टाइमलाइन
जून 2025:
- निर्जला एकादशी पर भारी भीड़ के कारण यात्रा रोकनी पड़ी
अक्टूबर 2025:
- स्वास्थ्य बिगड़ने और डायलिसिस के चलते 12 दिनों का ब्रेक
- पदयात्रा अनिश्चित काल के लिए स्थगित
नवंबर 2025:
- सुरक्षा कारणों से कुछ दिन यात्रा बंद
दिसंबर 2025:
- समय बदलकर शाम का समय किया गया
- रात 2:30 बजे के बजाय अब शाम को पदयात्रा
क्यों महत्वपूर्ण है पदयात्रा?
पदयात्रा का उद्देश्य:
- सामान्य भक्तों को दर्शन का अवसर देना
- जो आश्रम नहीं पहुंच सकते, उन्हें सड़क पर दर्शन
- सबके लिए समान अवसर की भावना
- राधारानी की सेवा और भक्ति का प्रदर्शन
स्वास्थ्य की चुनौतियों के बीच आध्यात्मिक शक्ति
शारीरिक लक्षण
किडनी फेलियर के कारण दिखने वाले लक्षण:
- सूजन: आंखों, चेहरे और होंठों में सूजन
- थकान: लगातार थकावट और कमजोरी महसूस होना
- पीला रंग: त्वचा का रंग पीला पड़ना
- सांस की तकलीफ: शरीर में तरल पदार्थ जमा होने से
फिर भी अडिग भक्ति
इन सभी चुनौतियों के बावजूद:
- नियमित सत्संग जारी है
- भक्तों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिल रहा है
- राधा-कृष्ण की भक्ति में कोई कमी नहीं
- प्रेम और शांति का संदेश फैलाना जारी
धर्म की सीमाओं से परे: सभी धर्मों का आदर
मुस्लिम भाइयों की प्रार्थना
प्रेमानंद जी महाराज की लोकप्रियता धर्म की सीमाओं को पार करती है:
मध्य प्रदेश, बैतूल:
- मुस्लिम समुदाय ने दरगाह पर चादर चढ़ाई
- महाराज जी के शीघ्र स्वस्थ होने की दुआ की
- हाथों में महाराज जी की तस्वीरें लेकर प्रार्थना की
सऊदी अरब, मदीना:
- सुफियान इलाहाबादी नामक युवक ने मदीना की पवित्र भूमि से दुआ की
- वीडियो में महाराज जी की तस्वीर दिखाते हुए कहा: “ये बहुत अच्छे इंसान हैं”
- यह वीडियो वायरल हुआ
सार्वभौमिक प्रेम का संदेश
यह घटनाएं दर्शाती हैं कि:
- सच्चा संत धर्म की सीमाओं से परे होता है
- मानवता और प्रेम सबसे बड़ा धर्म है
- प्रेमानंद जी का सत्संग सभी के लिए है
प्रेमानंद जी महाराज की जीवनशैली और दिनचर्या
सात्विक आहार
महाराज जी का आहार अत्यंत सरल और शुद्ध है:
- शाकाहारी भोजन: पूर्णतः शुद्ध शाकाहारी
- कम नमक: किडनी के मरीजों के लिए जरूरी
- प्राकृतिक खाद्य: फल, सब्जियां, और आयुर्वेदिक औषधियां
- प्रोसेस्ड फूड से परहेज: कोई प्रोसेस्ड या डिब्बाबंद खाना नहीं
ध्यान और साधना
दैनिक दिनचर्या में शामिल:
- घंटों का ध्यान: गहरी साधना और मनन
- राधा-कृष्ण की उपासना: निरंतर भक्ति भाव
- मंत्र जप: राधा नाम का जप
- सत्संग: भक्तों को उपदेश देना
आश्रम जीवन
श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में:
- साधु-संतों को भोजन, वस्त्र, आवास
- भक्तों को नि:शुल्क चिकित्सा सेवा
- वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर स्थित
- राधा-कृष्ण की लीलाओं का स्मरण
भक्तों की चिंता और प्रार्थनाएं
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
जब भी महाराज जी की तबीयत बिगड़ती है:
- वीडियो तुरंत वायरल होते हैं
- लाखों भक्त चिंतित हो जाते हैं
- प्रार्थना सत्र शुरू हो जाते हैं
- आश्रम में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है
फेक न्यूज का खंडन
कई बार झूठी खबरें भी फैलती हैं:
- महाराज जी के निधन की अफवाह
- आश्रम को आधिकारिक बयान देना पड़ता है
- भक्तों में हड़कंप मच जाता है
आश्रम का स्पष्टीकरण:
“महाराज जी पूरी तरह ठीक हैं। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें।”
चिकित्सा विज्ञान vs आध्यात्मिक शक्ति
डॉक्टरों की राय
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार:
- किडनी फेलियर के बाद जीवन प्रत्याशा कम होती है
- नियमित डायलिसिस से जीवन विस्तार होता है
- किडनी ट्रांसप्लांट सबसे अच्छा विकल्प है
- 20 वर्ष डायलिसिस पर जीना असामान्य है
आध्यात्मिक दृष्टिकोण
प्रेमानंद जी महाराज का मानना है:
- शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है
- राधारानी की शरण में सब कुछ संभव है
- मानसिक शांति सबसे बड़ी दवा है
- भक्ति का बल शारीरिक सीमाओं से परे है
विज्ञान और आस्था का संतुलन
महाराज जी:
- चिकित्सा उपचार स्वीकार करते हैं (डायलिसिस)
- साथ ही आध्यात्मिक साधना जारी रखते हैं
- दोनों का संतुलन बनाए रखते हैं
- यह दर्शाता है कि विज्ञान और आस्था विरोधी नहीं हैं
श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम की जानकारी
पता और संपर्क
आश्रम का पूरा पता:
श्री हित राधा केलि कुंज
वृंदावन परिक्रमा मार्ग
वृंदावन-281121
उत्तर प्रदेश, भारत
आश्रम की सेवाएं
आश्रम में उपलब्ध:
- नि:शुल्क भोजन: साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए
- आवास सुविधा: भक्तों के लिए ठहरने की व्यवस्था
- चिकित्सा सहायता: जरूरतमंदों के लिए
- सत्संग और कीर्तन: नियमित आध्यात्मिक कार्यक्रम
कैसे पहुंचें
- निकटतम रेलवे स्टेशन: मथुरा जंक्शन (10 किमी)
- निकटतम हवाई अड्डा: आगरा (65 किमी) / दिल्ली (150 किमी)
- स्थानीय परिवहन: वृंदावन में ऑटो और टैक्सी उपलब्ध
प्रेमानंद जी महाराज की शिक्षाएं
मुख्य उपदेश
महाराज जी के प्रमुख संदेश:
1. राधारानी की शरणागति
- पूर्ण समर्पण ही मोक्ष का मार्ग है
- अहंकार छोड़कर शरण लो
2. वृंदावन धाम की महिमा
- वृंदावन चिन्मय धाम है
- यहां की धूल भी पवित्र है
3. सखी भाव की उपासना
- राधा-कृष्ण की सेवा सखी भाव से
- श्री हित हरिवंश महाप्रभु की परंपरा
4. सादा जीवन, उच्च विचार
- भौतिक सुख में सच्चा सुख नहीं
- आध्यात्मिक प्रेम ही परम आनंद है
स्वास्थ्य लाभ के लिए क्या कर सकते हैं भक्त?
प्रार्थना और भजन
भक्त कर सकते हैं:
- राधा-कृष्ण का नाम जप
- महाराज जी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना
- सामूहिक कीर्तन में भाग लें
- मंदिरों में विशेष पूजा करवाएं
सेवा और दान
- आश्रम में भोजन दान करें
- जरूरतमंदों को चिकित्सा सहायता दें
- गौ सेवा करें
- वृंदावन की सफाई में योगदान दें
स्वयं की साधना
- महाराज जी के उपदेशों को जीवन में उतारें
- नियमित भजन-ध्यान करें
- सात्विक जीवन जिएं
- दूसरों की सेवा करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | FAQ
1. प्रेमानंद जी महाराज की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति क्या है?
दिसंबर 2025 में महाराज जी की स्थिति स्थिर है लेकिन वे नियमित चिकित्सा निगरानी में हैं। वे सप्ताह में 5-7 दिन डायलिसिस करवा रहे हैं और शाम के समय पदयात्रा कर रहे हैं।
2. उन्हें कौन सी बीमारी है?
प्रेमानंद जी महाराज को पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) है, जो एक आनुवंशिक बीमारी है। इसके कारण उनकी दोनों किडनी पूरी तरह फेल हो चुकी हैं।
3. क्या उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट करवाया है?
नहीं। महाराज जी ने सभी किडनी दान के प्रस्ताव अस्वीकार कर दिए हैं। उनका कहना है कि वे किसी को अपने लिए पीड़ा नहीं देना चाहते।
4. पदयात्रा का समय क्यों बदला?
कड़ाके की ठंड और स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए पदयात्रा का समय रात 2:30 बजे से बदलकर शाम का समय कर दिया गया है।
5. क्या हम आश्रम में दर्शन के लिए जा सकते हैं?
हां, श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में निर्धारित समय पर दर्शन हो सकते हैं। लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण सभी को व्यक्तिगत दर्शन नहीं मिल पाते। पदयात्रा में सार्वजनिक दर्शन का अवसर मिलता है।
6. डायलिसिस कितनी बार होता है?
वर्तमान में महाराज जी को सप्ताह में 5-7 दिन, प्रतिदिन 4 घंटे का डायलिसिस करवाना पड़ता है। आश्रम में ही होम डायलिसिस की व्यवस्था है।
7. हम उनके स्वास्थ्य के बारे में अपडेट कैसे पा सकते हैं?
आधिकारिक स्रोत:
- Instagram: @bhajanmarg_official (38M+ followers)
- आश्रम की आधिकारिक वेबसाइट: radhakelikunj.com
- स्थानीय समाचार और विश्वसनीय धार्मिक चैनल
8. क्या महाराज जी ठीक हो जाएंगे?
चिकित्सा की दृष्टि से, किडनी फेलियर स्थायी है और केवल डायलिसिस या ट्रांसप्लांट ही विकल्प हैं। लेकिन भक्तों की अटूट श्रद्धा और प्रार्थना से चमत्कार संभव हैं। महाराज जी स्वयं कहते हैं कि सब राधारानी की इच्छा पर है।
9. उनकी उम्र कितनी है?
प्रेमानंद जी महाराज का जन्म 30 मार्च 1969 को हुआ था, इसलिए 2025 में वे 56 वर्ष के हैं।
10. हम उनकी सेवा कैसे कर सकते हैं?
- प्रार्थना और भजन करें
- आश्रम में दान और सेवा करें
- उनके उपदेशों का पालन करें
- सात्विक जीवन जिएं और दूसरों की मदद करें
निष्कर्ष: आस्था और साहस की कहानी
प्रेमानंद जी महाराज की स्वास्थ्य यात्रा केवल एक चिकित्सा कहानी नहीं है – यह आस्था, साहस और अद्वितीय आध्यात्मिक शक्ति की कहानी है। 20 वर्षों से किडनी फेलियर के साथ जीना, नियमित डायलिसिस के बावजूद हजारों लोगों को मार्गदर्शन देना, और सबसे बढ़कर, किसी को अपने लिए पीड़ा न देने की करुणा – यह सब उन्हें एक सच्चे संत बनाता है।
दिसंबर 2025 में उनकी स्थिति स्थिर है लेकिन नाजुक भी। भक्तों की प्रार्थनाएं लगातार जारी हैं। चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से हों, सभी महाराज जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
जैसा कि महाराज जी स्वयं कहते हैं:
“राधारानी की शरण में जाओ, सब कुछ उन्हीं पर छोड़ दो।”
आइए, हम सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करें और उनके उपदेशों को जीवन में उतारें।
राधे राधे! 🙏
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और भक्ति उद्देश्यों के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी मुद्दे के लिए कृपया योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। आधिकारिक जानकारी के लिए श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम से संपर्क करें।
